शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के ग्राम पारागढ़ में संचालित एक पत्थर क्रेशर को लेकर ग्रामीणों और किसानों का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर क्रेशर को तत्काल बंद कराने और उसकी लीज निरस्त करने की मांग की है। उनका आरोप है कि क्रेशर संचालन से धूल, ध्वनि प्रदूषण और ब्लास्टिंग के कारण खेती, पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्रेशर से लगातार उड़ने वाली धूल के कारण खेतों में खड़ी फसल प्रभावित हो रही है। वहीं ब्लास्टिंग के दौरान उड़ने वाले पत्थरों से फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ आसपास के मकानों और कुओं को भी क्षति पहुंच रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धूल प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि विस्फोटकों के उपयोग से क्षेत्र में भय का माहौल भी बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस मामले में 20 जुलाई 2026 को कलेक्टर, एसडीएम करैरा और जिला खनिज अधिकारी को शिकायत दी गई थी। इसके अलावा अमोला थाना में एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पत्थर क्रेशर की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने, क्रेशर को बंद कराने और उसकी लीज निरस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण और किसान धरना-प्रदर्शन तथा चक्का जाम करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
रिपोर्ट : कुलदीप गुप्ता