गोरखपुर पुलिस ने CEIR पोर्टल के जरिए गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में 826 मोबाइल फोन रिकवर किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद किए गए मोबाइल अब उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए जा रहे हैं।पुलिस के मुताबिक, पिछले करीब दो वर्षों में CEIR पोर्टल के जरिए 3500 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन सभी मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 6 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने के बाद CEIR पोर्टल पर उसकी जानकारी दर्ज करना बरामदगी में काफी मददगार साबित हो रहा है।
ऐसे काम करता है CEIR पोर्टल
एसपी सिटी निमिष पाटिल के मुताबिक, मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद पीड़ित को CEIR पोर्टल पर मोबाइल की जानकारी दर्ज कराने के साथ संबंधित थाने में भी सूचना देनी होती है। इसके बाद जब कोई व्यक्ति उस मोबाइल फोन में दोबारा सिम डालकर उसे एक्टिवेट करता है, तो पोर्टल के जरिए पुलिस को अलर्ट मिलता है।इसी सूचना के आधार पर पुलिस मोबाइल के इस्तेमाल और लोकेशन से जुड़ी जानकारी जुटाकर उसे बरामद करने की कार्रवाई करती है। मोबाइल कब बरामद होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि गुम या चोरी होने के बाद उसे दोबारा कब एक्टिवेट किया गया। कुछ मोबाइल कुछ ही दिनों में बरामद हो गए, जबकि कुछ मामलों में तीन से चार महीने तक का समय लगा।
कैंट थाना सबसे आगे
इस अभियान में कैंट थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा मोबाइल बरामद किए गए हैं। कैंट पुलिस ने अकेले करीब 163 मोबाइल फोन रिकवर किए हैं। इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी के मोबाइल किन लोगों के जरिए बेचे गए और कहीं इनके पीछे किसी गिरोह की भूमिका तो नहीं है। संदिग्धों की पहचान होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने गोरखपुर पुलिस का आभार जताया। अंशिका राज ने बताया कि उनका iPhone 15 Pro मई महीने में बाजार से चोरी हो गया था। शिकायत के करीब एक महीने बाद पुलिस ने उनका मोबाइल बरामद कर वापस कर दिया।
वहीं प्रीति सैनी का मोबाइल 26 जनवरी को सब्जी मंडी के पास से गायब हुआ था। करीब 15 हजार रुपये कीमत का मोबाइल वापस मिलने पर उन्होंने पुलिस और प्रशासन का धन्यवाद किया।गोरखपुर पुलिस के मुताबिक, CEIR पोर्टल के जरिए मोबाइल बरामदगी का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
अंकित श्रीवास्तव की रिपोर्ट