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कार्यालय समय में जनपद सीईओ नदारद, पत्रकारों को देख पीछे के रास्ते से निकलने का आरोप

मुरैना के कैलारस जनपद पंचायत कार्यालय में सीईओ रामपाल करजरे के कार्यालय समय में मौजूद नहीं मिलने का मामला सामने आया है। पत्रकारों ने संपर्क किया तो कथित तौर पर पीछे के रास्ते से निकलने का आरोप है।

By: BS Yadav 
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कार्यालय समय में जनपद सीईओ नदारद, पत्रकारों को देख पीछे के रास्ते से निकलने का आरोप

मुरैना/कैलारस। कैलारस जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रामपाल करजरे की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। मामला उस समय सामने आया जब दोपहर करीब 3 बजे कुछ पत्रकार जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे, लेकिन सीईओ अपने कार्यालय में मौजूद नहीं मिले।

जानकारी के मुताबिक, पत्रकारों ने काफी देर तक सीईओ के आने का इंतजार किया। इसके बाद उनसे संपर्क करने के लिए कई बार फोन किया गया। बताया जाता है कि तीन-चार बार फोन करने के बाद सीईओ ने कॉल रिसीव किया और कथित तौर पर कहा कि वह बंगले पर आराम कर रहे हैं तथा करीब 10-15 मिनट बाद कार्यालय पहुंचकर मुलाकात करेंगे।

पत्रकारों के मुताबिक, सीईओ के आने का इंतजार करीब एक घंटे तक किया गया, लेकिन वह कार्यालय नहीं पहुंचे। इसी बीच उनके कार्यालय परिसर में आने की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पत्रकारों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद सीईओ ने उनसे बातचीत करने के बजाय पीछे के रास्ते से निकलना उचित समझा।

पत्रकारों से बातचीत से बचने का आरोप

बताया जाता है कि पत्रकारों ने सीईओ से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने कथित तौर पर “बाद में आना” कहकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया और वहां से चले गए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कार्यालय में मौजूद लोगों और पत्रकारों के बीच नाराजगी देखी गई।

इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में अधिकारी आम जनता के कामकाज के लिए जिम्मेदार होते हैं। ऐसे में कार्यालय समय में अधिकारी की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों का यह भी कहना है कि यदि किसी अधिकारी से किसी मामले में जानकारी मांगी जाती है तो उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

वहीं, पत्रकारों का कहना है कि कार्यालय में मौजूदगी और प्रशासनिक कामकाज से जुड़े सवालों पर जिम्मेदार अधिकारी का जवाब सामने आना जरूरी है। हालांकि, सीईओ रामपाल करजरे की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।अब नजर जिला प्रशासन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों पर है कि क्या इस मामले में सीईओ से स्पष्टीकरण मांगा जाता है या कोई जांच अथवा कार्रवाई होती है।

मुरैना से बंटी सैमिल की रिपोर्ट।

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