पन्ना: मध्य प्रदेश में TET परीक्षा को लेकर शिक्षकों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में पन्ना जिला मुख्यालय में बुधवार को सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने TET परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन किया और कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने परीक्षा को निरस्त करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।शिक्षक पैदल मार्च करते हुए नारेबाजी के साथ कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि वे पहले ही पात्रता परीक्षा पास करने के बाद शिक्षक पद पर नियुक्त हो चुके हैं। ऐसे में अब दोबारा TET परीक्षा आयोजित किए जाने का निर्णय उनके लिए उचित नहीं है।
शिक्षकों ने सवाल उठाया कि जब वे परीक्षा पास कर नियुक्ति हासिल कर चुके हैं, तो उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा देने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। उनका आरोप है कि इस तरह की परीक्षा आयोजित किए जाने से शिक्षक स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं।
शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों के साथ यह गलत व्यवहार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि TET परीक्षा आयोजित की जाती है तो शिक्षक इसका विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक किसी भी स्थिति में परीक्षा का फॉर्म नहीं भरेंगे।प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार से TET परीक्षा को तत्काल निरस्त करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को जिला स्तर से आगे बढ़ाकर भोपाल से दिल्ली तक ले जाया जाएगा।
शिक्षकों का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से लगातार आवाज उठाते रहेंगे और सरकार तक अपनी बात पहुंचाएंगे।ज्ञापन प्राप्त करने के बाद तहसीलदार ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन उचित माध्यम से संबंधित स्तर तक पहुंचा दिया जाएगा। ज्ञापन में शिक्षकों की ओर से मुख्य रूप से TET परीक्षा को निरस्त करने की मांग रखी गई है।फिलहाल TET परीक्षा को लेकर शिक्षकों और सरकार के बीच स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है। शिक्षकों ने अपनी मांग पूरी होने तक विरोध जारी रखने का संकेत दिया है।