सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित नकली शराब पीने से हुई मौतों के बाद सरकार की कार्रवाई और आबकारी विभाग की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं। गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में जहरीली शराब पीने के बाद 14 लोगों की मौत का मामला सामने आया है।
मामले में राज्य शासन ने सागर जिले में पदस्थ तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया है। इनमें सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा सर्किल की आबकारी उप निरीक्षक प्रोशनी उरेती शामिल हैं। इसके अलावा उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया गया है।
हालांकि, आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना पर अभी तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर निशाना साधा है। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार जहरीली शराब के कारोबार को संरक्षण दे रही है।
वहीं प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां अवैध और नकली शराब के नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। गंभीर हालत में कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अब बड़ा सवाल यही है कि जब निचले स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, तो आबकारी आयुक्त की भूमिका की भी जांच होगी या नहीं?