सागर। जिले में कथित जहरीली और अवैध शराब से हुई मौतों के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर पूरे मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।जीतू पटवारी ने अपने पत्र में कहा कि सागर में एक बार फिर शराब सवालों के घेरे में है और गांवों में मातम पसरा है। उन्होंने दावा किया कि मई 2026 में शाहपुर में शराब माफिया से जुड़े घटनाक्रम में दो युवकों की मौत के बाद उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर सरकार को अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर चेतावनी दी थी।
पटवारी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि शाहपुर की घटना के बाद क्या पूरे सागर जिले में अवैध शराब के कारोबार और उसके नेटवर्क की गंभीरता से जांच की गई? क्या शराब के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश हुई और क्या आबकारी विभाग की जवाबदेही तय की गई?उन्होंने कहा कि अगर इन मामलों में कार्रवाई की गई थी, तो बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब से इतनी मौतें कैसे हुईं और यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो पहले दी गई चेतावनी को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया?
पूरे नेटवर्क की जांच की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि जांच को केवल स्थानीय घटना तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जाए। शराब कहां बनी, कहां से आई, किसने पहुंचाई और किन लोगों या माध्यमों से उसका वितरण हुआ—इन सभी पहलुओं की जांच की जाए।उन्होंने पूर्व में मिली शिकायतों और चेतावनियों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाने की मांग की है।
मृतकों के परिवारों और घायलों को सहायता की मांग
जीतू पटवारी ने मृतकों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और गंभीर रूप से बीमार लोगों के परिजनों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जांच का उद्देश्य मामले को दबाना नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाना हो। पटवारी ने मुख्यमंत्री से कहा कि सागर में दोबारा ऐसी त्रासदी सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि इस बार कार्रवाई ऐसी हो, जिससे भविष्य में जहरीली शराब के कारण किसी गांव से मौत की खबर सामने न आए।