मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने निवेश एवं व्यापारिक दौरे की प्रभावी शुरुआत की। दौरे के पहले दिन प्रवासी भारतीय समुदाय, राजनयिकों, अरब देशों के प्रतिनिधियों और दुनिया भर के निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद हुए। मध्यप्रदेश का प्रतिनिधिमंडल 7 से 9 सितंबर 2026 तक आयोजित एआईएम कांग्रेस 2026 में राज्य की औद्योगिक क्षमता, निवेश संभावनाओं और विकास मॉडल को अंतरराष्ट्रीय निवेश समुदाय के सामने रखेगा। सरकार का फोकस केवल पूंजी आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेशकों के साथ लंबे समय की कारोबारी और विकास साझेदारी स्थापित करना है।
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय मिशन के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद होटल फॉर्च्यून एट्रियम में यूएई में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आत्मीय अभिनंदन किया। जितेंद्र वैद्य के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में करीब 50 प्रवासी भारतीय शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में रहने वाला भारतीय समुदाय मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति और राज्य की वैश्विक पहचान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ताज दुबई, बिजनेस बे में आयोजित ओडीओपी और जीआई उत्पाद प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी के माध्यम से मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला, हथकरघा और हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार के सामने पेश किया गया।
बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट
अशोकनगर की चंदेरी साड़ी
खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी
उज्जैन का बाटिक प्रिंट
भोपाल की जरी-जरदोजी
ग्वालियर का कारपेट
शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य इन स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और नए बाजारों से जोड़ना है, ताकि प्रदेश के कारीगरों और बुनकरों को बेहतर व्यावसायिक अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई एवं नॉर्थ अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ बैठक की। इस दौरान मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मध्यप्रदेश की औद्योगिक भूमि, बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, निवेशक-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक आधारभूत ढांचे को प्रमुखता से सामने रखा गया। मुख्यमंत्री ने यूएई के सॉवरेन वेल्थ फंड, बड़े कारोबारी समूहों, संस्थागत निवेशकों और व्यापारिक संगठनों तक मध्यप्रदेश की पहुंच बढ़ाने में भारतीय मिशन से सहयोग का अनुरोध किया। डॉ. यादव ने राजदूत और महावाणिज्य दूत को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
दुबई में दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष दोपहर भोज में हिस्सा लिया। इस दौरान मध्यप्रदेश और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में मौजूद विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। इनमें नवकरणीय ऊर्जा, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आधुनिक विनिर्माण और शहरी अधोसंरचना जैसे क्षेत्र प्रमुख रहे। खाद्य प्रसंस्करण, कृषि मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन, कृषि लॉजिस्टिक्स और निर्यात को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी विशेष बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष के माध्यम से मध्य पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के विभिन्न देशों के संसदीय प्रमुखों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में आमंत्रित करने की पहल की। इस पहल के तहत अल्जीरिया, बहरीन, कोमोरोस, जिबूती, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मॉरिटानिया, मोरक्को, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, यूएई और यमन सहित देशों के संसदीय नेतृत्व को आमंत्रण पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस पहल का उद्देश्य मध्यप्रदेश को इन देशों के साथ व्यापार, निवेश, उद्योग, नवाचार और अधोसंरचना के क्षेत्र में व्यापक साझेदारी के लिए एक मजबूत मंच के रूप में स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में मीडिया से बातचीत के दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भरोसेमंद और दीर्घकालिक विकास साझेदारी तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की सिंगल विंडो प्रणाली, तेज स्वीकृति व्यवस्था, औद्योगिक नीतियों, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को निवेश के लिहाज से राज्य की प्रमुख ताकत बताया।
दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस 2026 के विशेष आमंत्रण आधारित ‘टाइकून्स रात्रिभोज’ में भाग लिया। कार्यक्रम की मेजबानी एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी ने की।इस उच्चस्तरीय आयोजन में सॉवरेन वेल्थ फंड्स, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, वैश्विक कंपनियों और नीति-निर्माताओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम ने अंतरराष्ट्रीय निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद के लिए मंच उपलब्ध कराया। दुबई चैंबर्स, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), बहरीन सरकार, तुर्किक राज्यों के संगठन और यूएई विदेश मंत्रालय समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। इसके अलावा अफ्रीका और पश्चिम एशिया के केंद्रीय बैंकों, वित्तीय संस्थानों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन के महत्व को और बढ़ाया।
रात्रिभोज के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न देशों के निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ व्यक्तिगत संवाद किया। उन्होंने मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, मजबूत आधारभूत ढांचे, बेहतर लॉजिस्टिक्स और आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के बारे में जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश में विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, प्रौद्योगिकी और निर्यात आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया।
दुबई दौरे के पहले दिन हुए संवादों से यह संकेत मिला कि मध्यप्रदेश सरकार राज्य को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी और भरोसेमंद गंतव्य के रूप में पेश करने पर जोर दे रही है। प्रवासी भारतीयों से संपर्क, राजनयिक सहयोग, अरब देशों के साथ संवाद और वैश्विक निवेशकों तक सीधी पहुंच—इन सभी प्रयासों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 की तैयारियों से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश में निवेश को केवल कारोबारी अवसर के तौर पर नहीं, बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी और राज्य के समग्र विकास के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।