आगर-मालवा। मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा तहसील अंतर्गत मोल्याखेड़ी गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव में व्यवस्थित श्मशान घाट और अंतिम संस्कार के लिए स्थायी टिन शेड की सुविधा नहीं होने से बारिश के मौसम में लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। हालात ऐसे हैं कि किसी ग्रामीण के निधन के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए भी अस्थायी इंतजामों पर निर्भर रहना पड़ता है। वहीं श्मशान स्थल तक पहुंचने के लिए बेहतर रास्ता नहीं होने से शव को वहां तक ले जाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
मोल्याखेड़ी गांव में हाल ही में बारिश के बीच अस्थायी शेड के नीचे अंतिम संस्कार किया गया। स्थायी टिन शेड नहीं होने के कारण बारिश से बचाव करना मुश्किल रहा और परिजनों व ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के मौसम में यह समस्या हर बार गंभीर रूप ले लेती है। पर्याप्त और स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया मौसम पर निर्भर हो जाती है।
गांव की समस्या केवल श्मशान घाट की व्यवस्था तक सीमित नहीं है। श्मशान स्थल तक पहुंचने वाला रास्ता भी सुगम नहीं होने की बात ग्रामीणों ने कही है। ऐसे में किसी व्यक्ति के निधन के बाद शव को अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाने में परिजनों और ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति और खराब हो जाने से परेशानी बढ़ जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने गांव में सड़क, व्यवस्थित श्मशान घाट और स्थायी टिन शेड की सुविधा के लिए कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार स्थल और वहां तक पहुंचने का रास्ता गांव की बुनियादी सुविधाओं में शामिल होना चाहिए। इसके लिए लंबे समय से मांग किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
मोल्याखेड़ी के ग्रामीणों ने प्रशासन से श्मशान घाट का व्यवस्थित निर्माण कराने, स्थायी शेड लगाने और वहां तक बेहतर सड़क उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश हो या गर्मी, अंतिम संस्कार के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित व्यवस्था मिलना जरूरी है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।