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बुरहानपुर में नेपानगर-सीवल सड़क के पैचवर्क पर सवाल, ग्रामीणों ने लगाए खानापूर्ति के आरोप

बुरहानपुर के नेपानगर-सीवल मार्ग पर चल रहे पैचवर्क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गड्ढों की पर्याप्त सफाई और मजबूत बेस तैयार किए बिना मरम्मत की जा रही है। साथ ही PWD की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से मौके पर जांच कर निर्धारित मानकों के अनुसार पैचवर्क कराने की मांग की है।

By: Nivedita 
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बुरहानपुर में नेपानगर-सीवल सड़क के पैचवर्क पर सवाल, ग्रामीणों ने लगाए खानापूर्ति के आरोप

बुरहानपुर। नेपानगर से सीवल को जोड़ने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति के बाद अब सड़क पर किए जा रहे पैचवर्क की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के करीब डेढ़ वर्ष के भीतर ही जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं और अब इनकी मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है। स्थानीय स्तर पर सड़क की स्थिति को लेकर लगातार खबरें सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने पैचवर्क का जिम्मा दूसरे ठेकेदार को सौंपा है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर मरम्मत का काम तय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा।

गड्ढों की मरम्मत को लेकर उठे सवाल

ग्रामीणों के मुताबिक सड़क पर बने गड्ढों की मरम्मत के लिए पहले उनकी सही तरीके से सफाई और आवश्यक बेस तैयार किया जाना चाहिए। इसके बाद निर्धारित सामग्री का इस्तेमाल कर रोलर से उसे अच्छी तरह दबाया जाना जरूरी है, ताकि पैचवर्क लंबे समय तक टिक सके। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान में गड्ढों की पर्याप्त सफाई और मजबूत बेस तैयार किए बिना ही गिट्टी डालकर रोलर चलाया जा रहा है। इसके बाद डामर की सामग्री डालकर मरम्मत का काम पूरा किया जा रहा है।

बेस मजबूत नहीं हुआ तो दोबारा उखड़ सकती है सड़क

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पैचवर्क से पहले सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से का निचला आधार मजबूत नहीं किया गया तो मरम्मत ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगी। बारिश और वाहनों के दबाव के बाद सड़क दोबारा खराब होने और गड्ढे बनने की आशंका ग्रामीणों ने जताई है। ग्रामीण चाहते हैं कि पैचवर्क केवल गड्ढे भरने तक सीमित न रहे, बल्कि निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया जाए।

PWD की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी सवाल

पैचवर्क के दौरान विभागीय निगरानी को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क पर काम चलने के बावजूद पीडब्ल्यूडी का कोई जिम्मेदार अधिकारी या इंजीनियर मौके पर नियमित रूप से नजर नहीं आ रहा है।ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश भी की गई, लेकिन कई बार फोन पर संपर्क नहीं हो पाया। ऐसे में लाखों रुपये के मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों से जांच की मांग

ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से नेपानगर-सीवल मार्ग पर चल रहे पैचवर्क का मौके पर निरीक्षण करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क की मरम्मत निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुसार होनी चाहिए और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या मानकों के विपरीत काम सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

अब जांच पर टिकी नजर

नेपानगर-सीवल मार्ग की खराब स्थिति पहले से ही लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। अब पैचवर्क की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद ग्रामीणों की नजर पीडब्ल्यूडी की अगली कार्रवाई पर है। अब देखना होगा कि विभाग मौके पर निरीक्षण कर पैचवर्क की गुणवत्ता की जांच करता है या नहीं और क्या सड़क को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया अपनाई जाती है।

 

रिपोर्ट – राजू सिंह राठौड़ 

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