पन्ना। जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पताल के कई वार्डों की छतों से पानी टपकने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चा वार्ड, एनआरसी, प्रसव, सर्जिकल और मेल मेडिकल वार्ड में पानी टपकने की शिकायत सामने आई है।
पन्ना में करीब एक महीने से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के चलते जिला अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में पानी रिसने की समस्या सामने आई है। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को बारिश के दौरान काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सर्जिकल वार्ड में स्थिति ऐसी है कि पानी से बचने के लिए मरीजों के परिजन पलंग और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखाई दिए। परिजनों के मुताबिक तेज बारिश के दौरान रात में छत से लगातार पानी टपकता है, जिससे पूरी रात परेशानी बनी रहती है।
बारिश का असर बच्चों के वार्ड पर भी पड़ा है। बच्चा वार्ड में छत से पानी टपकने के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर परिजन चिंतित हैं। गीले वातावरण के चलते संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए संचालित एनआरसी वार्ड में भी पानी रिसने की समस्या सामने आई है। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया है कि यह भवन वर्ष 2019 में बनकर तैयार हुआ था। इसके बावजूद बच्चा वार्ड की छत से पानी टपकने की समस्या सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह पर बारिश के दौरान इस तरह की समस्या स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मामले को लेकर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कुछ वार्डों में पानी टपकने की समस्या सामने आई है। मरीजों की परेशानी को देखते हुए उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है।अब सवाल यह है कि बारिश के मौसम में सामने आई इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक किया जाता है और नई बिल्डिंग में पानी रिसने की वजह की जांच कर जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।