Panna District Hospital News in Hindi

पन्ना जिला अस्पताल में बारिश ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल, वार्डों में टपक रहा पानी

पन्ना जिला अस्पताल में बारिश ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल, वार्डों में टपक रहा पानी

पन्ना जिला अस्पताल में लगातार बारिश के चलते कई वार्डों की छतों से पानी टपकने लगा है। बच्चा वार्ड, एनआरसी, प्रसव, सर्जिकल और मेल मेडिकल वार्ड में मरीजों को परेशानी हो रही है। वर्ष 2019 में बनी नई बिल्डिंग के बच्चा वार्ड में भी पानी रिसने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने प्रभावित मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया है।

जिला अस्पताल में सोनोग्राफी सुविधा का संकट, निजी केंद्रों पर मरीजों से मनमानी फीस वसूली का आरोप

जिला अस्पताल में सोनोग्राफी सुविधा का संकट, निजी केंद्रों पर मरीजों से मनमानी फीस वसूली का आरोप

पन्ना जिला अस्पताल में सोनोग्राफी विशेषज्ञ या ऑपरेटर की कमी के चलते मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। निजी सोनोग्राफी केंद्रों पर मनमानी फीस वसूली के आरोप हैं, जबकि अस्पताल की मशीन वर्षों से उपयोग में नहीं आने की बात सामने आई है।

पन्ना में तेज बारिश से बिगड़े हालात, जिला अस्पताल और होमगार्ड कार्यालय में जलभराव

पन्ना में तेज बारिश से बिगड़े हालात, जिला अस्पताल और होमगार्ड कार्यालय में जलभराव

पन्ना जिले में 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव हो गया है। जिला अस्पताल में पानी भरने के साथ प्रसव और सर्जिकल वार्ड की छत से पानी टपका, जबकि बृजपुर में घरों और होमगार्ड कार्यालय में भी पानी भर गया।

पन्ना जिला अस्पताल में एक महीने में एसएनसीयू में गई 22 नवजातों की जान, उठे सवाल

पन्ना जिला अस्पताल में एक महीने में एसएनसीयू में गई 22 नवजातों की जान, उठे सवाल

पन्ना जिला चिकित्सालय एक बार फिर सुर्खियों में है। अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में पिछले एक माह के दौरान जन्म से लेकर एक वर्ष तक की उम्र के 22 मासूम बच्चों की मौत होने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है

एम्बुलेंस का टायर फटा, ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीज डेढ़ घंटे जंगल में फंसा

एम्बुलेंस का टायर फटा, ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीज डेढ़ घंटे जंगल में फंसा

पन्ना जिले में अजयगढ़ से जिला अस्पताल जा रही एम्बुलेंस का टायर फटने से गंभीर मरीज, परिजन और स्टाफ डेढ़ घंटे तक जंगल में फंसे रहे। एम्बुलेंस में स्टेपनी तक नहीं थी।