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बच्चों से भरी खटारा वैन की बैटरी फटी, 6 बच्चे झुलसे; क्षमता से लगभग दोगुने थे सवार

जमुई के सोनो चौक पर स्कूल जा रही वैन की बैटरी फटने से 6 बच्चे झुलस गए। वैन में क्षमता से लगभग दोगुने 22 बच्चों के सवार होने की बात सामने आई है। एसडीएम ने जांच की बात कही है।

By: BS Yadav 
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बच्चों से भरी खटारा वैन की बैटरी फटी, 6 बच्चे झुलसे; क्षमता से लगभग दोगुने थे सवार

Bihar News : जमुई में बच्चों को स्कूल ले जा रही एक पुरानी वैन में अचानक बैटरी फटने से बड़ा हादसा हो गया। घटना सोनो थाना क्षेत्र के सोनो चौक की है, जहां बुधवार सुबह करीब 8 बजे स्कूल जा रही बच्चों से भरी वैन की सीट के नीचे रखी बैटरी में अचानक धमाका हो गया। हादसे में वैन में सवार छह बच्चे झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल बच्चों को वैन से बाहर निकाला और इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया।जानकारी के मुताबिक, हादसे में दो बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि चार बच्चों को मामूली चोट लगी है। घायल बच्चों की पहचान कक्षा दो के अंकित कुमार, पिता प्रमोद दास और कक्षा तीन के लवकुश कुमार, निवासी नीमाटीला क्षेत्र के रूप में हुई है। दोनों बच्चों के पैर झुलसने की बात सामने आई है। अन्य चार बच्चों को मामूली चोटें आने के बाद उनके परिजन उन्हें घर ले गए। सभी बच्चे सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के बताए जा रहे हैं।

12 की क्षमता, वैन में सवार थे करीब 22 बच्चे

हादसे के बाद स्कूल वैन की क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि वैन में करीब 12 बच्चों के बैठने की क्षमता थी, जबकि हादसे के समय करीब 22 बच्चे सवार थे। यानी क्षमता से लगभग दोगुने बच्चों को एक ही वाहन से स्कूल ले जाने की बात सामने आई है।घायल अंकित कुमार ने बताया कि सीट के नीचे रखी बैटरी में अचानक धमाका हुआ, जिससे वह झुलस गया। अंकित की मां के मुताबिक, उन्हें वैन में आग लगने की सूचना मिली थी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से पुरानी गाड़ियों की जगह सुरक्षित वाहनों का इस्तेमाल करने की मांग की है।घटना की सूचना मिलने के बाद सोनो थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

स्कूल संचालक के बयान पर भी सवाल

हादसे के बाद स्कूल संचालक सुनील बरनवाल का बयान भी चर्चा में है। घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी घटनाएं हो जाती हैं और हवाई जहाज भी क्रैश हो जाते हैं। उन्होंने घटना को तकनीकी समस्या बताते हुए रेडिएटर का पानी गर्म होने के बाद ढक्कन खुलने की बात कही।संचालक के इस बयान को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में वाहन की फिटनेस, तकनीकी स्थिति और निर्धारित क्षमता का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।

अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच का इंतजार है। एसडीएम सौरव सुमन ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी और जांच के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।जांच में यह स्पष्ट होगा कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, वैन की फिटनेस की स्थिति कैसी थी और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाए जाने की बात कितनी सही है। साथ ही जिले में बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले अन्य वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस की जांच को लेकर भी अब सवाल उठ रहे हैं।

जमुई से धीरज कुमार सिंह की रिपोर्ट।

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