उज्जैन। सती गेट स्थित खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा को विस्थापित अथवा हटाने का अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन खबरों को भ्रामक बताया है, जिनमें प्रतिमा को हटाने के लिए कई प्रयास किए जाने का दावा किया जा रहा था।
प्रशासन की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि अभी तक प्रतिमा को विस्थापित या हटाने के संबंध में किसी मशीन अथवा मानवीय युक्ति से कोई प्रयास नहीं किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञों की वैज्ञानिक और तकनीकी राय प्राप्त किए बिना प्रतिमा के विस्थापन को लेकर आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।प्रशासन के मुताबिक, विशेषज्ञों द्वारा खड़े हनुमान जी की प्रतिमा की संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद प्राप्त तकनीकी और विशेषज्ञ राय के आधार पर ही आगे की स्थिति तय होगी।
प्रशासन ने यह भी कहा कि खड़े हनुमान जी की प्रतिमा से जुड़ा विषय उज्जैनवासियों और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से संबंधित है। इसलिए श्रद्धालुओं की भावनाओं, प्रतिमा की सुरक्षा और उज्जैन की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों की भावनाओं को ध्यान में रखे बिना कोई भी निर्णय या कदम नहीं उठाया जाएगा। विशेषज्ञों, संत समाज और श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ इस विषय का समाधान निकालने की बात कही गई है।
सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों को भी प्रशासन ने महत्वपूर्ण बताया है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि विकास के साथ उज्जैन की धार्मिक आस्था और विरासत का संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी भ्रामक अथवा गलत समाचार पर ध्यान न दें। फिलहाल विशेषज्ञों की वैज्ञानिक जांच और तकनीकी राय के बाद ही खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को लेकर आगे की कार्रवाई या निर्णय की स्थिति स्पष्ट होगी।