सीहोर। गणेश चतुर्थी के मौके पर मध्यप्रदेश के सीहोर में आस्था का बड़ा केंद्र एक बार फिर भक्तों के स्वागत के लिए तैयार है। प्रसिद्ध चिंतामन सिद्ध गणेश मंदिर में गणेश उत्सव की शुरुआत होने जा रही है। करीब 12 दिनों तक मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन और श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलेगी।चिंतामन गणेश मंदिर सीहोर जिला मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित है और इसे जिले के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों में गिना जाता है। मध्यप्रदेश शासन के सीहोर जिला पोर्टल के अनुसार मंदिर को विक्रमादित्य काल से जोड़ा जाता है और हर बुधवार यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
उल्टा स्वास्तिक की अनोखी परंपरा
इस मंदिर की सबसे खास पहचान यहां की उल्टा स्वास्तिक बनाने की परंपरा है। श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर मंदिर के पीछे उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने के बाद भक्त दोबारा मंदिर पहुंचकर सीधा स्वास्तिक बनाकर अपनी श्रद्धा और आभार व्यक्त करते हैं।
2000 साल पुरानी मान्यता से जुड़ा मंदिर
चिंतामन गणेश मंदिर को करीब 2000 वर्ष पुराना बताया जाता है। प्रचलित मान्यता के अनुसार इसका संबंध राजा विक्रमादित्य से है। कथा के मुताबिक भगवान गणेश ने राजा विक्रमादित्य को स्वप्न में दर्शन दिए थे और बाद में गणेश प्रतिमा के इसी स्थान पर स्थापित होने की कहानी कही जाती है। मंदिर में विराजमान प्रतिमा को स्वयंभू माना जाता है और इसका एक हिस्सा जमीन के भीतर होने की मान्यता है। गणेश उत्सव के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल रहेगा।