उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष अंतर-विद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले तीन प्रमुख स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रहकर, बच्चों के भीतर छिपी हुई कलात्मक प्रतिभा, सृजनात्मकता और सांस्कृतिक क्षमताओं को एक बड़ा और उचित मंच प्रदान करना था। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने अपनी छिपी हुई कला का शानदार प्रदर्शन करते हुए उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
आयोजन के तहत बच्चों के बीच विभिन्न प्रकार की रचनात्मक और बौद्धिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें मुख्य रूप से गायन, नृत्य और अंताक्षरी शामिल थीं। इन सभी स्पर्धाओं में विद्यार्थियों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सुमित कुमार ने इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि किताबी शिक्षा के साथ-साथ सह-शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से बच्चों को जोड़ना उनके संपूर्ण और संतुलित विकास के लिए बहुत आवश्यक है। ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में आपसी सहयोग की भावना, मंच का डर खत्म होने और टीम स्पिरिट (टीम भावना) जैसे सकारात्मक गुणों का विकास होता है।

इन सभी प्रतियोगिताओं में तीनों रेलवे स्कूलों के विद्यार्थियों ने पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई हर एक कलाकृति और प्रस्तुति का मूल्यांकन करने के लिए तीन विशेषज्ञ जजों का एक पैनल बनाया गया था, जिन्होंने निष्पक्ष तरीके से प्रदर्शनों को परखा। इसके बाद प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले प्रतिभाशाली प्रतिभागियों का चयन किया गया। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में सभी विजेता बच्चों और प्रतिभागियों ने ऑडिटोरियम में अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें देखकर वहां मौजूद अभिभावकों और शिक्षकों ने खड़े होकर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। महाप्रबंधक महोदय ने बच्चों द्वारा दी गई सभी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उनकी कला को सराहा। इसके बाद उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में विजेता रहे सभी प्रतिभागियों को अपने हाथों से पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बच्चों के साथ-साथ उनके गौरवान्वित अभिभावक और स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस अंतर-विद्यालय प्रतियोगिता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रेलवे स्कूलों के नौनिहाल केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और कलात्मक क्षेत्रों में भी किसी से पीछे नहीं हैं।