बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय “सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)” के विजन को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली प्रशासनिक और अन्य कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को अधिक सरल, सहज और सम्मानजनक बनाना है। इसी कड़ी में आमजनों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों के निष्पादन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक सप्ताह के निश्चित दिनों में जनसुनवाई आयोजित किए जाने की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में नवादा जिला मुख्यालय में जिला स्तरीय जनसुनवाई का एक विस्तृत और व्यापक आयोजन किया गया।
नवादा के जिलाधिकारी श्री रवि प्रकाश के सख्त और स्पष्ट निर्देशों के आलोक में आयोजित इस जिला स्तरीय जनसुनवाई की अध्यक्षता भूमि सुधार उप समाहर्ता (नवादा सदर) श्री गौरव शंकर द्वारा की गई। इस दौरान जिले के विभिन्न दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और प्रखंडों से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे आमजनों द्वारा कुल 53 परिवाद और लिखित शिकायतें दर्ज कराई गईं। भूमि सुधार उप समाहर्ता ने एक-एक कर सभी परिवादियों की समस्याओं को अत्यंत गंभीरता और धैर्य के साथ सुना। जनसुनवाई की सबसे खास बात यह रही कि कई ऐसे मामले थे जिनका मौके पर ही (ऑन द स्पॉट) त्वरित निष्पादन कर दिया गया, जिससे परिवादियों को तुरंत राहत मिली। वहीं, जो मामले तकनीकी या अन्य विभागों से जुड़े थे, उन्हें संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को जांचोपरांत नियमानुसार आवश्यक और समयबद्ध कार्रवाई करने के लिए तुरंत अग्रसारित कर दिया गया।

इस जनसुनवाई के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों और गांवों से आए लोगों ने शासन-प्रशासन के सामने अपनी जमीनी और व्यावहारिक परेशानियां रखीं। नारदीगंज थाना क्षेत्र के कहुआरा गांव की रहने वाली सोनी देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं, कौआकोल थाना क्षेत्र के छबैल बेलदारी गांव के निवासी कैलाश चौहान ने ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) के तहत अपनी बात रखी। इसके अतिरिक्त, अकबरपुर थाना क्षेत्र के डरमा गांव की धनमिंता देवी ने गांव में नाला निर्माण कराने की गुहार लगाई, जबकि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अकौना गांव के धीरज कुमार द्वारा भूमि अधिग्रहण या अन्य कारणों से रुके हुए मुआवजा भुगतान से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया गया। इनके अलावा भी दर्जनों अन्य परिवादियों ने अलग-अलग विभागों, योजनाओं और प्रशासनिक मामलों से जुड़ी अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई के दौरान आए मामलों की गंभीरता को देखते हुए भूमि सुधार उप समाहर्ता श्री गौरव शंकर ने सभी संबंधित महकमों के पदाधिकारियों को यह स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन का निस्तारण पूरी तरह पारदर्शी, नियमानुसार और तय समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में, जिला मुख्यालय के साथ-साथ अनुमंडल कार्यालय, नवादा में भी एक अन्य जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी (नवादा सदर) श्री अमित अनुराग ने भी अपने कार्यालय कक्ष में आमजनों की विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित स्थानीय अधिकारियों को मामलों के त्वरित तथा समयबद्ध समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।