नवादा जिले के रजौली प्रखंड के फरका बुजुर्ग पंचायत के अंतर्गत भूपतपुर और बिराज गांवों के बीच धनार्जय नदी पर पुल या पुलिया का निर्माण न होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस स्थिति के चलते धमनी, फरका बुजुर्ग, बहादुरपुर और सवैयाटांड़ पंचायतों के अंतर्गत आने वाले भूपतपुर, बिराज, गंगटा, मांगोंडीह, अम्बातरी तथा चमरबिगहा समेत दर्जनों गांवों की जनता को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर और तेज बहाव और अधिक खतरनाक हो जाता है, जिसके कारण मजबूरी में नदी पार करते समय कई बार लोग हादसों का शिकार होकर बह जाते हैं। हाल ही में बिराज गांव के निवासी लखन पासवान उफनती नदी को पार करने के दौरान तेज धार में बहने लगे, जिन्हें मौके पर मौजूद सतर्क ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
ग्रामीणों में मुकेश राजवंशी, रामचंद्र यादव, आशीष यादव, विजय यादव, पवन कुमार, कृष्णा पासवान, कपिल पासवान, ललिता देवी और सुनीता देवी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि पुल के अभाव में उन्हें रजौली बाजार, प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय और अन्य जरूरी प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी व कठिन दूरियां तय करनी पड़ती हैं। सबसे गंभीर समस्या स्कूली बच्चों की शिक्षा पर आ रही है। सरकार द्वारा हर पंचायत में 10+2 स्कूल स्थापित किए जाने के बावजूद, पुल न होने के कारण धामुचक स्थित विद्यालय तक इन गांवों के बच्चे बरसात के तीन से चार महीने तक पहुंच ही नहीं पाते हैं। इस समूचे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बारिश के दिनों में किसी टापू जैसी हो जाती है, जिससे संपर्क पूरी तरह कट जाता है।

इस मामले में सामने आया है कि करीब छह महीने पहले ग्रामीण कार्य विभाग के एक ठेकेदार द्वारा यहां छोटी पुलिया का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन नदी की अत्यधिक चौड़ाई को देखते हुए ग्रामीणों ने वहां बड़ी पुलिया या पुल बनाए जाने की मांग की थी। जनता के विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया था, जिसके बाद विभागीय इंजीनियरों ने मौके पर दोबारा सर्वे कर यह स्वीकार किया कि यहां छोटी पुलिया की जगह बड़े पुल का निर्माण ही उचित और आवश्यक है। ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने इस संबंध में जानकारी दी कि बड़े पुल का विस्तृत प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा जा चुका है। विभागीय हरी झंडी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने मांग की है कि इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द मंजूरी दी जाए ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को समय रहते टाला जा सके।