नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को देशभर की स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्यों, लखपति दीदियों और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। कार्यक्रम में 6 लाख से अधिक महिलाएं, लाभार्थी और ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े अधिकारी शामिल हुए। संवाद के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और गांवों में जीवन स्तर में आए बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि आने वाले पांच वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को करीब 10 लाख करोड़ रुपये का संस्थागत बैंक ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें व्यक्तिगत स्तर पर कारोबार या उद्यम शुरू करने वाली महिलाओं के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के ऋण का प्रावधान शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल महिलाओं को लखपति दीदी बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें आगे बढ़ाकर मिलियनेयर और करोड़पति दीदी बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, देश में अब तक 3 करोड़ से अधिक लखपति दीदियां तैयार हो चुकी हैं। सरकार का अगला लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 6 करोड़ तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं अब पारंपरिक कामकाज तक सीमित नहीं हैं। वे अपने उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार के साथ-साथ निर्यात की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।
कार्यक्रम में बैंक लिंकेज से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 3 सितंबर को मुंबई में RBI, NABARD और विभिन्न सरकारी एवं निजी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की गई थी। उन्होंने कहा कि ऋण स्वीकृति में अनावश्यक देरी, अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग और गारंटी या कोलैटरल से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए बैंकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
बैंकिंग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय जल्द ही एक समर्पित हेल्पलाइन शुरू करेगा। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की शिकायतों को संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाकर उनका तेजी से समाधान कराना होगा। इसके अलावा सभी बैंकों को 31 अक्टूबर तक जन समर्थ पोर्टल से पूरी तरह जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ऋण आवेदनों और उनकी मंजूरी की प्रक्रिया की रियल-टाइम निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
संवाद के दौरान असम के कामरूप की तूलिका दीदी ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादन और बेकरी उत्पादों के जरिए वह सालाना करीब 12 से 14 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।उन्होंने अपने समूह से 200 से अधिक महिलाओं को जोड़कर उन्हें भी आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का काम किया है। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि सही प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और समूह आधारित प्रयासों से ग्रामीण महिलाएं सफल उद्यम खड़ा कर सकती हैं।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के कई लाभार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। बिहार के जहानाबाद की अनु देवी, मध्य प्रदेश के सीहोर की बबीता दीदी और त्रिपुरा के अनिमेष सिंह समेत अन्य लाभार्थियों ने बताया कि पक्का घर मिलने से उनके परिवारों को सुरक्षा और सम्मान का अनुभव हुआ है। लाभार्थियों ने यह भी बताया कि आवास के साथ उज्ज्वला गैस कनेक्शन, नल से जल, शौचालय और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाओं ने उनके दैनिक जीवन को आसान बनाया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण भारत में बदलाव केवल पक्के मकानों तक सीमित नहीं है। आवास, स्वच्छ ईंधन, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों परिवारों के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशवासियों से विशेष अपील भी की। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन है और मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री के रूप में उनकी सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने का अवसर भी है। उन्होंने देशवासियों, किसानों और विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से अपील की कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घरों में ‘एक दीया आशीर्वाद का’ जलाएं। चौहान ने इसे प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए शुभकामना तथा देश के विकास और प्रगति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक बताया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह खुद 17 सितंबर को तेलंगाना के एक ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचेंगे। वहां वे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना और किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के साथ शाम 7 बजे दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत की महिलाएं देश के विकास में नई भूमिका निभा रही हैं। महिला शक्ति को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक मजबूती देश की समग्र प्रगति से सीधे जुड़ी है। लखपति दीदियों के बाद अब उन्हें बड़े स्तर के उद्यमों से जोड़ने, आसान ऋण उपलब्ध कराने और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार देने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के नए अवसर पैदा होने से ‘सशक्त नारी, विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति मिलने की उम्मीद है।