नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। रेल भवन में हुई बैठक में रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा जोनल रेलवे के महाप्रबंधक और मंडल रेल प्रबंधक भी शामिल हुए। बैठक में तकनीकी खामियों, ट्रैक और कोच के रखरखाव तथा रेलवे में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
रेल मंत्री ने सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़ी तकनीकी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) के ऐसे कंपोनेंट्स, जिनकी निर्धारित सेवा अवधि पूरी हो चुकी है, उनकी जांच, मरम्मत और जरूरत के अनुसार समय पर बदलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोचों के रखरखाव में फायर सेफ्टी को विशेष महत्व देने के निर्देश दिए गए। खासतौर पर इलेक्ट्रिकल सर्किट और वायरिंग की जांच तथा वर्कशॉप स्तर पर मेंटेनेंस व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा कोच और वैगन में इस्तेमाल होने वाले कपलर तथा पहियों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया, ताकि तकनीकी खामियों के कारण किसी तरह की सुरक्षा संबंधी समस्या पैदा न हो।
रेल मंत्री ने ट्रैक में इस्तेमाल होने वाली पॉइंट मशीन, टर्नआउट और फास्टनर की नियमित एवं उचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन स्थानों पर फास्टनर उपलब्ध नहीं हैं, वहां उन्हें लगाने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक में रेलवे के लिए सप्लाई की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन, OHE, ट्रैक, कोच और वैगन से संबंधित किसी भी सामग्री में गुणवत्ता की कमी पाए जाने पर संबंधित सप्लायर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जानबूझकर लापरवाही या खराब गुणवत्ता की आपूर्ति के मामलों में संबंधित सप्लायर को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई पर भी जोर दिया गया। स्पष्ट संदेश दिया गया कि रेलवे सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
त्योहारों और मेलों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर अचानक बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेल मंत्री ने अधिकारियों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए। संभावित भीड़ वाले स्थानों पर जिला और राज्य प्रशासन के साथ समन्वय कर आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में रेलवे के विभिन्न तकनीकी और परिचालन क्षेत्रों की कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने पर विशेष जोर दिया गया। रेल मंत्री के निर्देशों का मुख्य उद्देश्य रेलवे के बुनियादी ढांचे, रखरखाव व्यवस्था और यात्री सुरक्षा को और मजबूत करना है।