बड़वानी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (शहीद भीमा नायक शासकीय पीजी कॉलेज), बड़वानी में वर्ष 2022 में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ऑनलाइन परीक्षा एवं ई-लर्निंग सेंटर अब उपयोग में आने की दिशा में बढ़ गया है। हाल ही में जारी एमपी एसआई भर्ती अधिसूचना में बड़वानी को परीक्षा केंद्र के रूप में शामिल किया गया है।
ऑनलाइन परीक्षा केंद्र शुरू कराने की मांग को लेकर छात्र संघर्ष समिति ने लंबे समय तक प्रयास किए। छात्रों ने 30 जुलाई और 31 अगस्त को धरना-प्रदर्शन कर केंद्र को शुरू करने की मांग उठाई थी। एमपी एसआई भर्ती की परीक्षा सूची में बड़वानी का नाम शामिल होने के बाद छात्रों में खुशी का माहौल है। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से बंद पड़े केंद्र का इस्तेमाल शुरू होने से जिले के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को भी काफी सुविधा मिलेगी।
केंद्र को परीक्षा सूची में शामिल किए जाने की खुशी में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने छात्रों को मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस अवसर पर छात्रों ने प्राचार्य को डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर का छायाचित्र और केंद्र प्रभारी डॉ. मुन्ना मोरे को भगवान श्री गणेश का छायाचित्र भेंट किया।
प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने बताया कि छात्रों की मांग को लेकर वरिष्ठ कार्यालयों से लगातार पत्राचार किया गया और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी प्रस्ताव भेजे गए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनकल्याण अभियान के दौरान केंद्र को शुरू कराने की घोषणा की थी। उनके अनुसार 17 अगस्त को चयन मंडल की टीम केंद्र का निरीक्षण कर चुकी है। पीडब्ल्यूडी और एमपीईबी के साथ समन्वय कर आवश्यक शेष कार्य पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि 28 अक्टूबर से प्रस्तावित सूबेदार भर्ती परीक्षा में भी बड़वानी केंद्र को शामिल किया जा सकता है।
छात्रा कविता जमरे ने कहा कि पहले प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इंदौर, भोपाल, सागर और रीवा जैसे शहरों में परीक्षा केंद्र मिलने के कारण छात्रों को अतिरिक्त खर्च और समय की समस्या का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी परिवारों के कई छात्र आर्थिक कारणों से दूसरे शहरों तक नहीं जा पाते थे और कई बार उन्हें परीक्षा तक छोड़नी पड़ती थी। अब बड़वानी में परीक्षा केंद्र उपलब्ध होने से अभ्यर्थियों के समय और यात्रा खर्च दोनों में कमी आएगी।
प्रतियोगी छात्र आदित्य सेन ने बताया कि बाहर परीक्षा केंद्र मिलने पर एक दिन पहले दूसरे शहर पहुंचना पड़ता था। होटल, भोजन और यात्रा का खर्च छात्रों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता था। उन्होंने कहा कि जिले में ही परीक्षा केंद्र उपलब्ध होने से छात्रों को सुविधा मिलेगी और बड़वानी के शैक्षणिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होने के साथ छात्रों को मानसिक राहत भी मिलेगी।
केंद्र को परीक्षा सूची में शामिल किए जाने के बाद छात्र संघर्ष समिति ने आंदोलन में सहयोग देने वाले छात्रों, मीडिया, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। छात्रों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर ऑनलाइन परीक्षा केंद्र की सुविधा उपलब्ध होने से बड़वानी और आसपास के आदिवासी अंचलों के हजारों प्रतियोगी परीक्षार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।