पन्ना। जिले में पिछले 48 घंटे से हो रही लगातार तेज बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। शहर की कई कॉलोनियों में भी पानी घरों तक पहुंच गया है।
भारी बारिश का असर उस कार्यालय पर भी पड़ा है, जहां से आपदा के समय लोगों को बचाने और राहत पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाली जाती है। SDRF और होमगार्ड विभाग के कार्यालय परिसर में कमर तक पानी भर गया है। जलभराव के कारण कार्यालय में रखे जरूरी दस्तावेज, कंप्यूटर और अन्य सामान भी प्रभावित हुए हैं। कर्मचारियों को कार्यालय तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
लगातार बारिश के कारण केन, किलकिला, बाघिन और पतने नदी समेत जिले की कई नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसके चलते आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। गढ़ी पड़रिया गांव में कई लोगों के पानी के बीच फंसे होने की सूचना है। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए SDRF की टीम को रवाना किया गया है।
बाढ़ और जलभराव के चलते बृजपुर, पहाड़ीखेड़ा, हरसा बगौहा, सब्दुआ, बनहरी और भापतपुर सहित कई गांवों में आवागमन बाधित हो गया है। अमानगंज और सिमरिया क्षेत्र में भी भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और संपर्क मार्गों पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
पन्ना शहर के धाम मोहल्ला, बीटीआई चौराहा, रानीगंज और इंद्रपुरी कॉलोनी में भी बारिश का पानी जमा हो गया है। कई स्थानों पर पानी घरों के अंदर तक पहुंचने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव की चपेट में नगर पालिका अध्यक्ष मीना पांडे का आवास भी आया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF की टीम सक्रिय है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश के बीच स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।