मुरैना के वार्ड 44 डाभीपुरा में लगातार बारिश से जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। सड़कें पानी में डूबी हैं और खेतों में पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
मुरैना के वार्ड 44 डाभीपुरा में लगातार बारिश से जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। सड़कें पानी में डूबी हैं और खेतों में पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
पन्ना जिले में 48 घंटे से जारी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। केन समेत कई नदियां उफान पर हैं और दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। शहर की कई कॉलोनियों में घरों तक पानी पहुंच गया है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि SDRF और होमगार्ड कार्यालय भी कमर तक पानी में डूब गया है।
लगातार बारिश के कारण मुरैना के बड़ोखर श्मशान रोड पर जलभराव हो गया है। सड़क पर पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने नालियों की सफाई, पानी की तत्काल निकासी और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
निवाड़ी में लगातार बारिश के बाद सिन्दूर सागर तालाब ओवरफ्लो होने से ढिमरपुरा और कुंवरपुरा गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का दावा है कि करीब 1000 एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई है और कुछ मकानों तक भी पानी पहुंचा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन देकर जल निकासी का रास्ता चौड़ा कराने और स्थायी समाधान की मांग की है।
शिवपुरी के बिची मोहनगढ़ की दुर्गापुरी आदिवासी बस्ती के ग्रामीणों ने खराब सड़क, जलभराव और पंचायत की कथित लापरवाही को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने सीसी रोड, जल निकासी की व्यवस्था और पंचायत की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जहानाबाद नगर परिषद की सामान्य बोर्ड बैठक में शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई। नल-जल योजना, टूटी पाइपलाइन, सड़क, नाली, जलजमाव और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए। लंबित कार्यों में लापरवाही पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
अमानगंज क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण कई गांवों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पाठा नाला ओवरफ्लो होने से दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ, जबकि पेड़ और बिजली के पोल गिरने से आवागमन और विद्युत आपूर्ति भी बाधित हुई है।
ग्वालियर में लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया है। कलेक्टर रूचिका सिंह चौहान ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रेस्क्यू टीमों को अलर्ट रखने, जल निकासी तेज करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं, जबकि झांसी रोड पर सड़क धंसने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।
सासाराम में सुबह हुई बारिश के बाद अनुमंडल कार्यालय परिसर में जलभराव हो गया, जिससे कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आम लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था में सुधार और स्थायी समाधान की मांग की है।
बरसात के दौरान बुरहानपुर जिले के देड़तलाई में मध्य प्रदेश–महाराष्ट्र को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग जलमग्न हो जाता है, जिससे 8 से 10 गांवों के ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने, स्थायी पुलिया निर्माण और बेहतर जल निकासी व्यवस्था की मांग की है। प्रशासन ने स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मध्य प्रदेश के Panna जिले की ग्राम पंचायत तारा में Swachh Bharat Mission की जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत ने सफाई कार्य के नाम पर ₹17 हजार से ₹40 हजार तक की राशि खर्च दिखाई, लेकिन गांव की गलियों में गंदगी, जाम नालियां और सड़कों पर बहता गंदा पानी साफ दिखाई दे रहा है।
सीहोर जिले के चरनाल गांव में लगातार बारिश के चलते नाले के पुल पर पानी बह रहा है। इसके बावजूद ग्रामीण रोजमर्रा के कामों के लिए जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है।
बुरहानपुर में लगातार बारिश के बीच नहर का रास्ता बंद होने से भीलवाड़ी सहित आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई। खेतों में फसलें डूब गईं और कई घरों में पानी घुस गया। प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर तीन दिन में अवरोध हटाने के निर्देश दिए हैं।
बुरहानपुर के खकनार थाना क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते देड़तलाई–बालापाट मार्ग पर सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा है। इससे 8 से 10 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और राहगीरों व स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने स्थायी पुलिया निर्माण कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
पन्ना जिला अस्पताल में भारी बारिश के बाद वार्डों में पानी भरने की स्थिति पर कलेक्टर ऊषा परमार ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम में सुधार के आदेश देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को 24 घंटे में समस्या का स्थायी समाधान करने का अल्टीमेटम दिया है।