1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. सिन्दूर सागर तालाब ओवरफ्लो, ढिमरपुरा-कुंवरपुरा में जलभराव से बढ़ी परेशानी; 1000 एकड़ जमीन डूबने का दावा

सिन्दूर सागर तालाब ओवरफ्लो, ढिमरपुरा-कुंवरपुरा में जलभराव से बढ़ी परेशानी; 1000 एकड़ जमीन डूबने का दावा

निवाड़ी में लगातार बारिश के बाद सिन्दूर सागर तालाब ओवरफ्लो होने से ढिमरपुरा और कुंवरपुरा गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का दावा है कि करीब 1000 एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई है और कुछ मकानों तक भी पानी पहुंचा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन देकर जल निकासी का रास्ता चौड़ा कराने और स्थायी समाधान की मांग की है।

By: Nivedita 
Updated:
सिन्दूर सागर तालाब ओवरफ्लो, ढिमरपुरा-कुंवरपुरा में जलभराव से बढ़ी परेशानी; 1000 एकड़ जमीन डूबने का दावा

निवाड़ी। लगातार बारिश के बाद सिन्दूर सागर तालाब के ओवरफ्लो होने से आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। ढिमरपुरा और कुंवरपुरा में पानी भरने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का दावा है कि करीब 1000 एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जबकि कुछ मकानों तक भी जलभराव का पानी पहुंच गया है।

तालाब का बढ़ा जलस्तर बना परेशानी की वजह

बारिश के कारण सिन्दूर सागर तालाब में पानी का स्तर लगातार बढ़ता गया। क्षमता से अधिक पानी होने के बाद तालाब ओवरफ्लो हो गया और इसका पानी आसपास के इलाकों में फैलने लगा। ग्रामीणों के अनुसार ढिमरपुरा गांव में जलभराव का असर सबसे अधिक दिखाई दे रहा है। खेतों में पानी भरने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।

करीब 1000 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न होने का दावा

ग्रामीणों ने बताया कि तालाब के आसपास की करीब 1000 एकड़ पटैती कृषि भूमि जलभराव की चपेट में आ गई है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक पानी खेतों में जमा रहने की स्थिति में कृषि उपज पर गंभीर असर पड़ सकता है।

पानी की निकासी का रास्ता संकरा होने का आरोप

ग्रामीणों के मुताबिक तालाब से अतिरिक्त पानी की निकासी पहाड़ियों के बीच बने रास्ते से होती है। उनका आरोप है कि निकासी मार्ग पर्याप्त चौड़ा नहीं होने के कारण पानी तेजी से बाहर नहीं निकल पा रहा है। निकासी की गति कम होने से तालाब का अतिरिक्त पानी आसपास के गांवों और खेतों की ओर फैल रहा है। ग्रामीणों ने पानी की निकासी के रास्ते को चौड़ा करने की मांग की है।

मकान गिरने की घटना का भी दिया हवाला

ग्रामीणों ने प्रशासन को दिए ज्ञापन में 27 अगस्त को हुई मकान गिरने की घटना का भी उल्लेख किया है। ग्रामीणों के अनुसार इस हादसे में दो महिलाओं की मौत हुई थी, जबकि एक बच्चा घायल हुआ था। ग्रामीणों ने जलभराव और बारिश के बीच कमजोर मकानों को लेकर भी प्रशासन से जरूरी कदम उठाने की मांग की है।

कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीण प्रशासन के पास पहुंचे और सिन्दूर सागर तालाब के अतिरिक्त पानी की निकासी का रास्ता चौड़ा कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कलेक्टर जमुना भिड़े के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है।

ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई

ग्रामीणों की मांग है कि तालाब के ओवरफ्लो पानी की तत्काल निकासी कराकर प्रभावित इलाकों को राहत दी जाए। साथ ही भविष्य में बारिश के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए।

 

 रिपोर्ट – देवेश गुप्ता 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...