मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के ग्राम देड़तलाई में हर वर्ष बरसात के दौरान एक गंभीर समस्या सामने आती है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बारिश के पानी में डूब जाता है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
देड़तलाई से बालापाट, चौखंडिया, पिपरीबोरबन सहित 8 से 10 गांवों के लिए यह सड़क मुख्य संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन इसी रास्ते से ग्रामीण, किसान, वाहन चालक और स्कूली बच्चे अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। बारिश के दौरान सड़क पर तेज बहाव के साथ पानी भर जाने से आवागमन जोखिम भरा हो जाता है और लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होती है, जिन्हें रोजाना इसी मार्ग से होकर स्कूल जाना पड़ता है। जलभराव के कारण बच्चों और अभिभावकों में हर दिन अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों के अनुसार, बरसाती पानी की प्राकृतिक निकासी वाले स्थान पर हुए अतिक्रमण के कारण पानी का बहाव बाधित हो जाता है। नतीजतन बारिश का पानी सड़क पर जमा होकर पूरे मार्ग को जलमग्न कर देता है। लोगों का कहना है कि यदि जल निकासी की उचित व्यवस्था हो जाए तो इस समस्या का काफी हद तक समाधान संभव है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही इस स्थान पर स्थायी पुलिया और बेहतर जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि हर वर्ष होने वाली इस समस्या से लोगों को राहत मिल सके और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।

मामले को लेकर प्रशासन का कहना है कि संबंधित स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद स्थिति का आकलन कर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत कराया जाएगा।
स्थानीय लोग अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनका मानना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए तो भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही सुरक्षित बन सकेगी।