भोजपुर। गंगा और सोन नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। जिलाधिकारी श्री मनेश कुमार मीणा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी टीमों को 24×7 अलर्ट रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ एवं कटाव की आशंका वाले क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कदम उठाने को कहा गया है।प्रशासन ने विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अन्य संवेदनशील लोगों को आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
बड़हरा अंचल के पिपरपांती में कटाव प्रभावित क्षेत्र में FCD के कार्यपालक अभियंता और उनकी टीम द्वारा सुरक्षात्मक एवं कटाव निरोधक कार्य लगातार किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों को मध्य विद्यालय, पिपरपांती में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया गया है। यहां सामुदायिक रसोई के माध्यम से करीब 200 लोगों को प्रतिदिन दो समय भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रभावित परिवारों के लिए पेयजल, शौचालय और बिजली की व्यवस्था भी की गई है। बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर उपलब्ध कराया गया है, जबकि करीब 300 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया गया है।
जलस्तर बढ़ने से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही के लिए कुल 33 निःशुल्क नावें संचालित की जा रही हैं। इनमें शाहपुर में 14, बड़हरा में 12 और आरा सदर में 7 नावें शामिल हैं। बड़हरा के नेक नाम टोला, ख्वासपुर, एकौना और बिशुनपुर, आरा सदर के इजरी व बरजा तथा शाहपुर के दामोदरपुर में नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा दी जा रही है।
प्रभावित क्षेत्रों में पांच मेडिकल कैंप संचालित किए जा रहे हैं। शाहपुर के दो शिविरों में अब तक 254 लोगों और बड़हरा के दो शिविरों में 300 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आरा सदर में भी एक मेडिकल कैंप संचालित है। जरूरत के अनुसार लोगों को आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा के लिए पशुपालन विभाग द्वारा चार पशु चिकित्सा कैंप संचालित किए जा रहे हैं। इनमें बड़हरा और शाहपुर में दो-दो कैंप शामिल हैं। एंबुलेंस जैसी मोबाइल चिकित्सा सुविधा वाली Ambulatory Van के माध्यम से पशुओं का उपचार और आवश्यक दवाओं का वितरण किया जा रहा है।
आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। आरा सदर और जगदीशपुर अनुमंडल सहित संबंधित अंचलों में लगातार क्षेत्र भ्रमण और निगरानी की जा रही है। जिला स्तर पर 24×7 जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रखा गया है। इसके अलावा संभावित आपात परिस्थितियों में बचाव कार्य के लिए शाहपुर और बड़हरा में SDRF की टीमें तैनात हैं।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जलस्तर और परिस्थितियों को देखते हुए जरूरत पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। विस्थापित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने मेडिकल और पशु चिकित्सा कैंपों को सक्रिय रखने, पशुओं के लिए चारा व दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने तथा नाव और मेडिकल बोट के जरिए जरूरी सेवाएं प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ 24×7 सतर्क रहकर निर्धारित एसओपी के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में लोगों और पशुओं की सुरक्षा के साथ आवश्यक राहत एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।