बिहार के गोपालगंज जिले में सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी भवनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने अब पूरी तरह से सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हाल ही में गोपालगंज समाहरणालय सभागार में आयोजित बीस सूत्री कार्यक्रम की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान फुलवरिया प्रखंड के किसान भवन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जे का मामला बेहद प्रमुखता के साथ उठाया गया। बैठक में मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बीस सूत्री समिति के सदस्यों ने प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा के सामने यह गंभीर मुद्दा रखा। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा और कृषि संबंधी गतिविधियों के संचालन के लिए बनाए गए इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक भवन पर लंबे समय से अवैध कब्जा जमा हुआ है, जिसके कारण आम जनता और किसानों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तुरंत कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने बैठक के दौरान ही मौके पर मौजूद जिला प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए कि हर हाल में आगामी 24 घंटे के भीतर फुलवरिया के किसान भवन को अवैध कब्जे से पूरी तरह मुक्त कराया जाए। प्रभारी मंत्री ने जिला पदाधिकारी को यह भी निर्देशित किया कि भवन को खाली कराने के बाद इस मामले में नियमानुसार आवश्यक और सख्त कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के सार्वजनिक भवनों पर अवैध कब्जा करने की हिम्मत कोई न कर सके।

प्रभारी मंत्री के इस कड़े अल्टीमेटम और बड़े प्रशासनिक एक्शन के बाद अब पूरे जिले में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन तय 24 घंटे के भीतर इस निर्देश को किस प्रकार जमीन पर उतारता है। इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट संकेत मिल गया है कि राज्य सरकार सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध अतिक्रमण या कब्जे के मामलों को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। फिलहाल, प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है और माना जा रहा है कि जल्द ही फुलवरिया के इस किसान भवन को कब्जामुक्त कराने की दिशा में बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी।