यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों ने एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया। इस क्रम में नवादा जिले में भी बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने एकजुटता दिखाते हुए हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाया। इस हड़ताल के चलते जिलेभर में बैंकिंग कामकाज ठप रहा, जिससे अनुमानित तौर पर करीब 700 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ है।
हड़ताल के दौरान पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ इंडिया, बिहार ग्रामीण बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित जिले के तमाम राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी सड़कों पर उतरे और अपने कामकाज से विरत रहे। बैंक कर्मियों के इस कड़े रुख के कारण आम जनता को पैसों के लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और लोन से जुड़े कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार और प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
नवादा बैंकर संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने इस आंदोलन को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस दौरान पंजाब नेशनल बैंक से हरेंद्र कुमार पासवान, राजीव सिन्हा, सुमित कुमार, पिंटू कुमार, किशोर कुमार राम, कार्यानंद प्रसाद, चित्रंजन कुमार, यदुनंदन मिस्त्री और प्रशांत कुमार दिवाकर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, बिहार ग्रामीण बैंक की तरफ से शशि शेखर, अभिनव किशोर, मोहित, मिथिलेश, अभिजीत झा, एस.पी. सिंह, सुरेंद्र प्रसाद और परमेश्वर चौधरी सहित बड़ी संख्या में बैंककर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। बैंक कर्मियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह लड़ाई केवल कर्मचारियों के अधिकारों की नहीं है, बल्कि एक बेहतर बैंकिंग प्रणाली और भविष्य की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है। यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।