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गोरखपुर में रेल कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 36.55 करोड़ से बने 100 आधुनिक आवास

गोरखपुर की बौलिया रेलवे कॉलोनी में 36.55 करोड़ रुपये की लागत से बने 100 आधुनिक टाइप-3 आवासों वाले ‘रेल संगम विहार’ को रेल प्रशासन को सौंप दिया गया है। आरएलडीए उपाध्यक्ष मनोज गर्ग ने महाप्रबंधक उदय बोरवणकर को चाबी सौंपी। बहुमंजिला टावरों, पार्किंग, ओपन जिम, सोलर लाइट, एसटीपी प्लांट और पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस इस परिसर का उद्घाटन कर कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी गई है।

By: Nivedita 
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गोरखपुर में रेल कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 36.55 करोड़ से बने 100 आधुनिक आवास

पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर के रेल कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और सौगात भरी खबर सामने आई है। बौलिया रेलवे कॉलोनी में नवनिर्मित ‘रेल संगम विहार’ के 100 अत्याधुनिक टाइप-3 रेलवे आवासों को आधिकारिक रूप से रेल प्रशासन को सौंप दिया गया है। इस परियोजना के शुरू होने से रेलकर्मियों को उच्च कोटि की आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।

चाबी हस्तांतरण समारोह और भव्य शुरुआत

इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत 10 सितंबर को बौलिया रेलवे कॉलोनी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजन और हवन के साथ हुई, जिसके बाद इस पूरी परियोजना से जुड़ी एक विशेष वीडियो फिल्म भी प्रदर्शित की गई। रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA) के उपाध्यक्ष मनोज गर्ग ने पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर को प्रतीकात्मक चाबी सौंपकर इन आवासों का हस्तांतरण किया। इसके पश्चात महाप्रबंधक ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पूरे परिसर का निरीक्षण किया और चयनित रेल कर्मचारी आवंटियों को उनके नए फ्लैट्स की चाबियां सौंपी।

 

आधुनिक तकनीक और लागत से तैयार ‘रेल संगम विहार’

यह पूरा आवासीय परिसर लगभग 12,697 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इसे तैयार करने में कुल 36 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत आई है। इस प्रोजेक्ट के तहत तीन भव्य बहुमंजिला टावरों का निर्माण किया गया है, जिनमें कुल 100 टाइप-3 फ्लैट्स शामिल हैं:

राप्ती टावर: 36 फ्लैट्स

सरयू टावर: 32 फ्लैट्स

रोहिणी टावर: 32 फ्लैट्स

 

आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा का विशेष प्रबंध

रेल कर्मचारियों की सुविधा, आराम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस परिसर में कई बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं। यहाँ कुल 141 कारों की पार्किंग की क्षमता, फायर सेफ्टी उपकरणों से लैस 6 आधुनिक लिफ्ट्स, पानी का बड़ा स्टोरेज टैंक और 62 केएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाया गया है। ट्रीटमेंट के बाद निकलने वाले पानी का उपयोग पेड़-पौधों और फ्लशिंग के लिए किया जाएगा। इसके अलावा पर्यावरण और मनोरंजन का पूरा ख्याल रखते हुए बच्चों के लिए पार्क, बड़ों के लिए ओपन जिम, हरा-भरा लॉन, 100 से ज्यादा नए पेड़-पौधे और एक सामुदायिक केंद्र भी बनाया गया है। सुरक्षा और ऊर्जा बचत के लिए कॉलोनी में 49 हाइब्रिड सोलर स्ट्रीट लाइट्स लगाई गई हैं, साथ ही प्रत्येक फ्लैट में पीएनजी (PNG) गैस कनेक्शन और निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।

परिसर में पौधारोपण और भविष्य की रूपरेखा

कार्यक्रम के समापन पर महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, अपर महाप्रबंधक विनोद कुमार शुक्ल और आरएलडीए के उपाध्यक्ष मनोज गर्ग ने संयुक्त रूप से परिसर में पौधारोपण किया। रेलवे प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस परियोजना के जरिए अपने कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और उन्हें एक सुरक्षित, स्वच्छ व आधुनिक आवासीय वातावरण प्रदान करना है।

 

रिपोर्ट – अंकित श्रीवास्तव 

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