मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में ग्रामीण विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देशों के आधार पर की गई जांच में दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों और प्रतिनिधियों पर गाज गिरी है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कुल 5 पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है, जबकि कई रोजगार सहायकों और एक उपयंत्री को भी शासकीय कार्यों से अलग कर दिया गया है।
मृत व्यक्तियों के नाम पर राशि आहरण और गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा और नियमों की अनदेखी पकड़ी गई है:
- इमलिया पंचायत मामला: यहां बिना सत्यापन के मृतक के जॉब कार्ड और परिवार के सदस्यों के नाम पर भुगतान किए जाने का मामला सामने आया। इस पर तत्कालीन रोजगार सहायक मधु रामपुरे और प्रभारी पंचायत सचिव आदिराम मावई को शासकीय कार्य से विरत किया गया है। साथ ही, सरपंच गुड्डी बघेल के खिलाफ मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
- शहदपुर पंचायत मामला: मृत व्यक्ति के जॉब कार्ड पर डिमांड भेजने और बिना काम कराए राशि निकालने के आरोप में रोजगार सहायक विनोद कुमार को हटाया गया है।
- बर्रेण्ड और हुसेनपुर मामला: बिना किसी प्रकार का निर्माण कार्य किए ही शासकीय राशि आहरित करने के मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव महेश चन्द्र जाटव को निलंबित किया गया है।
पेंशन में फर्जीवाड़ा और निर्माण कार्यों में लापरवाही
जांच के दौरान अन्य पंचायतों में भी कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुईं:
- अगरोता पंचायत: एक ही व्यक्ति के संबंध में दो अलग-अलग मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करके नियम विरुद्ध तरीके से शासकीय पेंशन का लाभ दिलाने के मामले में पंचायत सचिव रामाधार सिंह जाटव को निलंबित किया गया है।
- रंछोरपुरा पंचायत: तय प्राक्कलन (एस्टिमेट) के विपरीत तालाब और पत्थर नाली का निर्माण करवाने पर पंचायत सचिव नीरज कर्ण को निलंबित किया गया और रोजगार सहायक गजेन्द्र सिंह धाकड़ को कार्य से विरत किया गया।
- भदावली पंचायत: मुख्यालय पर अनुपस्थित रहने, जनसुनवाई न करने और योजनाओं में ढिलाई बरतने पर पंचायत सचिव विनोद कुमार तोमर पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।
- ऐसाह पंचायत: सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को नजरअंदाज करने, मुख्यालय से नदारद रहने और जनप्रतिनिधियों के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में पंचायत सचिव दिनेश शर्मा को निलंबित किया गया है।
- टिकटोली दूमदार पंचायत: निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की भारी कमी और तकनीकी मानकों की अनदेखी करने पर क्षेत्रीय संविदा उपयंत्री मातादीन शाक्य को शासकीय कार्य से हटा दिया गया है।
प्रशासन की दो टूक: लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी पैसों के उपयोग में किसी भी तरह की कोताही सहन नहीं की जाएगी। आने वाले समय में भी अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दौर जारी रहेगा।