भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में परीक्षा, मूल्यांकन, परिणाम और शिक्षकों की कमी से जुड़ी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पटवारी ने पत्र में कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था की खामियों का सीधा असर लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है।
जीतू पटवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल भवनों और नामों से नहीं चलते, बल्कि उनकी पहचान शिक्षकों, परीक्षा व्यवस्था और समय पर जारी होने वाले परिणामों से होती है। पत्र में आरोप लगाया गया कि कई विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं और परिणाम जारी होने में भी लंबा समय लग रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से विश्वविद्यालयों के लिए समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर लागू करने और परीक्षा एवं परिणाम की प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने की मांग की।

पत्र में विश्वविद्यालयों में स्वीकृत पदों के मुकाबले शिक्षकों की उपलब्धता कम होने का मुद्दा भी उठाया गया है। पटवारी ने CAG की रिपोर्ट और विधानसभा में दिए गए सरकारी जवाबों का हवाला देते हुए कहा कि कई संस्थानों में बड़ी संख्या में शिक्षकीय पद रिक्त हैं। उनका कहना है कि शिक्षकों की कमी का प्रभाव सीधे पढ़ाई की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ता है। इसलिए रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां किए जाने की आवश्यकता है।

पटवारी ने पत्र में प्रदेश के 17 सरकारी विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बड़ी संख्या में स्वीकृत शिक्षकीय पद खाली हैं। उन्होंने इसे उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर स्थिति बताते हुए सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। पत्र में खरगोन के कांतिलाल भूरिया विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए भी शिक्षकों के स्वीकृत पदों और रिक्तियों का जिक्र किया गया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा और परिणाम में देरी का असर केवल एक शैक्षणिक सत्र तक सीमित नहीं रहता। परिणाम देर से आने पर विद्यार्थियों का अगली कक्षा में प्रवेश, डिग्री प्राप्त करना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और नौकरी के लिए आवेदन जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जीवाजी विश्वविद्यालय, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय और RGPV सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों की परीक्षा एवं परिणाम व्यवस्था को लेकर सामने आई समस्याओं का पत्र में उल्लेख किया।

पटवारी ने कुछ विश्वविद्यालयों में परीक्षा परिणाम, मूल्यांकन और तकनीकी प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों का हवाला देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को प्रशासनिक और तकनीकी खामियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
पत्र में E-Pravesh पोर्टल से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। पटवारी के अनुसार, परीक्षा परिणाम में देरी होने से विद्यार्थियों के प्रवेश नवीनीकरण जैसी प्रक्रियाओं में भी परेशानी उत्पन्न हो रही है।
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन मुद्दों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े गंभीर विषय के रूप में देखा जाए। उन्होंने विश्वविद्यालयों में समय पर परीक्षा, समय पर परिणाम, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
पत्र के माध्यम से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से विश्वविद्यालयों की व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को अनिश्चितता से बाहर निकालने की अपील की। उनका जोर इस बात पर है कि उच्च शिक्षा में केवल नई घोषणाओं के बजाय समयबद्ध परीक्षा और परिणाम व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।