टीकमगढ़/पलेरा। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा निवासी युवा नवाचारक प्रखर विश्वकर्मा ने बेंगलुरु में आयोजित प्रतिष्ठित बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में अपने तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन कर जिले को गौरवान्वित किया। उन्होंने बंसल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरिक्ष और रक्षा तकनीक से जुड़े स्वदेशी प्रोजेक्ट देश-विदेश से पहुंचे विशेषज्ञों एवं उद्योग प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत किए।
एक्सपो में प्रखर ने अपने दो प्रमुख तकनीकी प्रोजेक्ट ‘प्रोजेक्ट राम’ और ‘शारंगा-एक्सआर’ प्रस्तुत किए। उन्होंने इन प्रोजेक्ट्स की तकनीकी अवधारणा, डिजाइन, कार्यप्रणाली और भविष्य में इनके संभावित उपयोग के बारे में विशेषज्ञों को जानकारी दी। अंतरिक्ष एवं रक्षा तकनीक के क्षेत्र में काम कर रहे प्रखर के इन प्रयासों ने एक्सपो में मौजूद विशेषज्ञों और कंपनियों का ध्यान आकर्षित किया।
प्रखर विश्वकर्मा की प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा पलेरा में हुई। वर्तमान में वह भोपाल में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ वह अंतरिक्ष और रक्षा तकनीक से जुड़े अपने नवाचारों पर लगातार काम कर रहे हैं।छोटे कस्बे से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीकी मंच तक पहुंचने की उनकी यात्रा क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा मानी जा रही है।
बेंगलुरु स्पेस एक्सपो के दौरान प्रखर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) की ओर से प्रोत्साहन एवं सम्मान सामग्री प्रदान की गई। यह उनके तकनीकी प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। एक्सपो में उन्हें अंतरिक्ष एवं रक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के समक्ष अपने विचार और प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

प्रखर ने एक्सपो के दौरान अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। इनमें इसरो के पूर्व अध्यक्ष ए. एस. किरण कुमार, इन-स्पेस के प्रोत्साहन निदेशालय के निदेशक डॉ. विनोद कुमार, इसरो मुख्यालय के पूर्व निदेशक सुधीर कुमार एन, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र एवं सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक ए. राजाराजन और एचएएल के उप महाप्रबंधक शांत कुमार बोया सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे। इन मुलाकातों के दौरान प्रखर ने अपने प्रोजेक्ट्स से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की और अंतरिक्ष तथा रक्षा क्षेत्र में नवाचार की संभावनाओं पर विशेषज्ञों से सुझाव लिए।
एक्सपो के दौरान प्रखर ने 17 कंपनियों के प्रतिनिधियों से अपने प्रोजेक्ट्स को लेकर बातचीत की। उन्होंने तकनीकी अवधारणाओं, प्रोजेक्ट के विकास और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी साझा की। कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ तकनीकी जरूरतों, संभावित सहयोग और प्रोजेक्ट्स को और बेहतर बनाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। इस संवाद से प्रखर को उद्योग जगत की अपेक्षाओं और तकनीकी आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिला।
पलेरा जैसे छोटे कस्बे से निकलकर अंतरिक्ष एवं रक्षा तकनीक के बड़े मंच पर अपने नवाचार प्रस्तुत करना प्रखर विश्वकर्मा की उपलब्धि के साथ-साथ टीकमगढ़ के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पढ़ाई के साथ अपने पसंदीदा क्षेत्र में प्रयोग, शोध और नए विचारों पर काम करने से तकनीकी क्षमता को बेहतर दिशा दी जा सकती है।
प्रखर अंतरिक्ष एवं रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकी नवाचार को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में विशेषज्ञों और कंपनियों से मिले सुझावों के आधार पर उनके प्रोजेक्ट्स को और विकसित करने की संभावनाएं बढ़ी हैं। बेंगलुरु स्पेस एक्सपो में उनकी भागीदारी ने न केवल पलेरा और टीकमगढ़ का नाम तकनीकी मंच पर पहुंचाया, बल्कि छोटे शहरों के युवाओं में मौजूद प्रतिभा और नवाचार की क्षमता को भी सामने रखा।