बड़वानी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की अनियमित आपूर्ति को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इस समस्या को लेकर भारतीय किसान संघ ने बिजली विभाग से आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने की मांग उठाई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जिले के सभी बिजली वितरण केंद्रों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
भारतीय किसान संघ ने कृषि पंपों के लिए प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने और घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली देने की मांग की है। संघ का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती के कारण किसानों को सिंचाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार, फसलों को समय पर पानी देना जरूरी है। ऐसे में बिजली की अनियमित आपूर्ति खेती के कामकाज को प्रभावित कर रही है।
भारतीय किसान संघ के मुताबिक, इस वर्ष कम बारिश होने के कारण खेतों में सिंचाई के लिए बिजली की आवश्यकता बढ़ गई है। खासकर सब्जियों और बागवानी से जुड़ी फसलों को नियमित रूप से पानी देना पड़ता है। संघ का कहना है कि वर्तमान में करीब 8 घंटे बिजली मिलने से सिंचाई संबंधी जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है। यदि समय पर पर्याप्त बिजली नहीं मिली, तो फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

अक्टूबर महीने में तेज धूप और गर्मी के कारण ग्रामीण इलाकों में घरेलू बिजली की जरूरत भी बढ़ गई है। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। भारतीय किसान संघ ने बिजली विभाग से कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने की अपील की है।
भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि बिजली कटौती की समस्या का जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। संघ के मुताबिक, जिले के सभी बिजली वितरण केंद्रों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जा सकता है। संघ ने चेतावनी दी है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। अब किसानों की मांगों पर बिजली विभाग की कार्रवाई और आपूर्ति व्यवस्था में होने वाले सुधार पर नजर रहेगी।