1. हिन्दी समाचार
  2. Bhopal
  3. दशहरे तक किसानों की समस्याएं दूर करे सरकार, नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी: भारतीय किसान संघ

दशहरे तक किसानों की समस्याएं दूर करे सरकार, नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी: भारतीय किसान संघ

भारतीय किसान संघ ने मध्य प्रदेश सरकार को दशहरे तक किसानों की समस्याएं दूर करने का अल्टीमेटम दिया है। प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने बिजली कटौती, खाद-बीज की कमी, समर्थन मूल्य और भावांतर योजना से जुड़े मुद्दे उठाते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।

By: Nivedita 
Updated:
दशहरे तक किसानों की समस्याएं दूर करे सरकार, नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी: भारतीय किसान संघ

भोपाल, मध्य प्रदेश।  प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार को दशहरे तक का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

बिजली, खाद, बीज और सिंचाई की समस्याओं पर उठाए सवाल

कमल सिंह आंजना ने कहा कि प्रदेश के किसानों को बिजली कटौती, खाद और बीज की कमी, सिंचाई के लिए पानी तथा फसलों का उचित मूल्य मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से किसानों की परेशानियां बढ़ रही हैं।

बिजली कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानी

किसान संघ ने ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती और रखरखाव के नाम पर आपूर्ति बाधित होने का मुद्दा उठाया। आंजना के मुताबिक, बिजली की अनियमित उपलब्धता से सिंचाई प्रभावित हो रही है और आम नागरिकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की।

मुख्यमंत्री से बातचीत नहीं होने पर नाराजगी

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन समाधान का रास्ता नहीं निकल पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि दशहरे तक मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

 

 

भावांतर योजना और समर्थन मूल्य पर खरीदी का मुद्दा

भारतीय किसान संघ ने भावांतर योजना की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए। संगठन की मांग है कि किसानों की उपज की खरीद उचित समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जाए। आंजना ने धान की फसल पर भावांतर का लाभ देने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। इसके अलावा, उन्होंने मंडियों में अव्यवस्थाओं और कुछ मंडियों के बंद रहने से किसानों को होने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया।

खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर चिंता

किसान संघ ने ई-टोकन व्यवस्था, सरकारी पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों और पंजीयन प्रक्रिया में आ रही समस्याओं पर नाराजगी जताई। आंजना के अनुसार, इन परेशानियों के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।

किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बढ़ेगा आंदोलन

भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी कि यदि खेती के लिए जरूरी संसाधन समय पर उपलब्ध नहीं हुए और उपज का उचित मूल्य नहीं मिला, तो इसका असर कृषि उत्पादन और बाजार में अनाज की कीमतों पर भी पड़ सकता है। संगठन ने सरकार से किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने की मांग की है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार दशहरे तक किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और प्रस्तावित आंदोलन को टालने के लिए कोई ठोस समाधान निकल पाता है या नहीं।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...