सीहोर जिले के किसानों ने भोपाल पहुंचकर विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और ऊर्जा मंत्री सहित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जर्जर बिजली लाइन से घायल किसान के लिए मुआवजा, नौकरी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
सीहोर जिले के किसानों ने भोपाल पहुंचकर विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और ऊर्जा मंत्री सहित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जर्जर बिजली लाइन से घायल किसान के लिए मुआवजा, नौकरी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
कटनी जिले के उबरा गांव में कई दिनों से बिजली संकट बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे घरों के साथ-साथ खेती-किसानी भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग और प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।
सीवान के दरौंदा प्रखंड में जले ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर 25 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और ग्रामीणों ने मामले की जांच व जल्द बिजली बहाल करने की मांग की है।
सासाराम के नुरनगंज इलाके में लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगों ने बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने गेट जाम कर नारेबाजी की और अधिकारियों को अंदर जाने से रोका। पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है।
MP News: नैनपुर विकासखंड के बम्हनी बंजर थाना क्षेत्र के ग्राम जहरमऊ में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक परिवार पर ऐसा कहर बनकर टूटी कि घर का इकलौता सहारा हमेशा के लिए छिन गया
टीकमगढ़ जिले के जतारा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती से नाराज लोगों ने देर रात विधायक हरिशंकर खटीक से शिकायत की। विधायक के हस्तक्षेप के बाद बिजली सप्लाई बहाल हुई, वहीं लापरवाही के आरोप में जतारा विद्युत विभाग के प्रभारी अधिकारी बालकृष्ण तिवारी को निलंबित कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रांसफॉर्मर कई वर्षों से जमीन पर स्थापित है, जिसकी वजह से उसमें अक्सर छोटी-मोटी आग लगती रहती थी। लेकिन इस बार आग ने विकराल रूप ले लिया और ट्रांसफॉर्मर के साथ-साथ पूरी केबल भी जलकर राख हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के तार काफी पुराने और जर्जर थे, जिसकी शिकायत जिम्मेदार विभाग को पहले भी की जा चुकी थी। लेकिन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।