राजधानी भोपाल में सीहोर जिले से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने जर्जर और झूलती विद्युत लाइनों की समस्या को लेकर ऊर्जा मंत्री प्रभुराम तोमर, जिला प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर और मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
किसानों का आरोप है कि 18 जून को सीहोर जिले के ग्राम बड़वेली निवासी किसान सतीश मेवाड़ा खेत में काम कर रहे थे, तभी झूलती हुई 11 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आ गए। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विद्युत लाइन की खराब स्थिति को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय पर सुधार कार्य नहीं किया गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
किसानों ने घायल किसान सतीश मेवाड़ा के लिए 25 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।

किसानों ने मांग की कि प्रदेश में जहां भी जर्जर और नीचे लटक रही विद्युत लाइनें हैं, उनकी तत्काल जांच कर मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
किसानों के अनुसार, हादसे के बाद सतीश मेवाड़ा का इलाज भोपाल के निजी अस्पताल में चल रहा है। उनका आरोप है कि गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान उनका एक हाथ काटना पड़ा। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।