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बालाघाट: जर्जर स्कूल भवन ने बढ़ाई चिंता, बरामदे और घर में पढ़ाई करने को मजबूर नौनिहाल

बालाघाट के ग्राम पीपर टोला स्थित प्राथमिक शाला का भवन जर्जर होने से पहली से पांचवीं तक के बच्चे बरामदे और अस्थायी स्थानों पर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने नए स्कूल भवन की मांग करते हुए जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

By: Nivedita 
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बालाघाट: जर्जर स्कूल भवन ने बढ़ाई चिंता, बरामदे और घर में पढ़ाई करने को मजबूर नौनिहाल

बालाघाट जिले के बिरसा जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत ग्राम पीपर टोला की प्राथमिक शाला बदहाल शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर पेश कर रही है। स्कूल भवन की जर्जर हालत के कारण पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सुरक्षित कक्षाओं के बजाय बरामदे और अस्थायी स्थानों पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे बच्चों की शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

बारिश के बाद और खराब हुई स्कूल भवन की स्थिति

विद्यालय के शिक्षक नरेश कुमार नागेश्वर के अनुसार, स्कूल भवन काफी समय से जर्जर है और लगातार बारिश के कारण इसकी स्थिति और अधिक खराब हो गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चों को भवन के अंदर बैठाना जोखिम भरा है। इसी कारण कुछ बच्चों की पढ़ाई बरामदे में और कुछ की वैकल्पिक स्थान पर कराई जा रही है।

अभिभावकों और ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

स्कूल की स्थिति को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि शिक्षा व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए ठोस प्रयास नहीं किए जाते।

 

कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ग्राम पंचायत की सरपंच गौवतरिया मेरावी ने बताया कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नए स्कूल भवन का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

सुरक्षित शिक्षा व्यवस्था की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि वह इस गंभीर समस्या का समाधान कर विद्यार्थियों के लिए नए विद्यालय भवन के निर्माण की दिशा में कब तक ठोस कदम उठाता है।

 

रिपोर्ट – विशाल, महानंद 

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