भोपाल। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध नलखेड़ा मंदिर में सामने आए कथित चंदा अनियमितता के मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मंदिरों में चढ़ावे और दान से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई भी होनी चाहिए।
भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान उमंग सिंघार ने कहा कि इससे पहले राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले में भी कई सवाल उठे थे, लेकिन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई। अब नलखेड़ा मंदिर में कथित चंदा अनियमितता के मामले में भी केवल जांच समिति बनाकर औपचारिकता निभाई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जांच के बाद दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी या मामला सिर्फ जांच तक ही सीमित रह जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को आगामी मानसून सत्र में विधानसभा के भीतर प्रमुखता से उठाएगी। उनका कहना है कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और दान का पूरी पारदर्शिता के साथ उपयोग होना चाहिए और यदि कहीं अनियमितता सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
नलखेड़ा मंदिर से जुड़े इस विवाद के बाद मंदिर प्रबंधन और दान राशि के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब निगाहें जांच प्रक्रिया और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं।