बुरहानपुर: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को बुरहानपुर कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि मध्य प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में यूसीसी से संबंधित सुझावों और पहलुओं पर विचार के लिए एक समिति गठित किए जाने का उल्लेख किया गया है।

AIMIM ने ज्ञापन में कहा कि भारत विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं वाला देश है, जहां अलग-अलग समुदायों के अपने व्यक्तिगत कानून और धार्मिक रीति-रिवाज हैं। संगठन का मत है कि समान नागरिक संहिता लागू होने से देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता प्रभावित हो सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि यूसीसी से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले सभी समुदायों, धार्मिक संगठनों और संबंधित पक्षों के साथ व्यापक संवाद और विचार-विमर्श किया जाए, ताकि सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान हो और सामाजिक समरसता तथा संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखा जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान AIMIM के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि संगठन संविधान के दायरे में रहकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहा है।