रतलाम। जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस अभियान के तहत कालूखेड़ा थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस ने एक हुंडई क्रेटा कार से 2 किलो 495 ग्राम MD ड्रग्स बरामद की है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपये बताई गई है। तस्करी में इस्तेमाल कार की कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के मुताबिक, कुल करीब 2.70 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 25 अगस्त को चौकी मावता प्रभारी उप निरीक्षक दिनेश राठौर को सूचना मिली थी कि एक काले रंग की हुंडई क्रेटा में कुछ लोग बड़ी मात्रा में MD लेकर मावता होते हुए रियावन की तरफ जाने वाले हैं। सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के बाद पुलिस टीम ने रानीगांव फंटे पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की।
पुलिस ने संदिग्ध क्रेटा को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन को तेज गति से रियावन की ओर ले गया। पुलिस टीम ने पीछा किया तो कार चिपिया होते हुए बिलंदपुर की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर पहुंच गई। रास्ता खराब होने के कारण आरोपियों ने जंगल क्षेत्र में कार छोड़ दी और वाहन में सवार लोग झाड़ियों की ओर भाग निकले। पुलिस ने आसपास के खेतों और जंगल में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी फरार होने में सफल रहे।
पुलिस ने पंचों की मौजूदगी में छोड़ी गई कार की तलाशी ली। ड्राइवर सीट के नीचे हरे कपड़े की थैली मिली, जिसमें तीन पारदर्शी प्लास्टिक पैकेट रखे थे। इनमें मौजूद पदार्थ की जांच के बाद उसे MD ड्रग्स के रूप में पहचाना गया।इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तौल करने पर मादक पदार्थ का कुल वजन 2 किलो 495 ग्राम पाया गया। पुलिस ने नियमानुसार पदार्थ को पैक कर सीलबंद किया और जब्त कर लिया।
मामले में पुलिस ने धारा 8/22 NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब बरामद MD के स्रोत, सप्लायर, संभावित खरीदार और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस के मुताबिक, मामले में लखन पिता भेरुलाल मीणा निवासी भाकरखेड़ी, क्रेटा चालक और दो अन्य साथी फरार हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शंकरसिंह चौहान, चौकी प्रभारी दिनेश राठौर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।