बड़वानी। जिले के सेगांव गांव में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में कथित बढ़ोतरी को लेकर ग्रामीण उपभोक्ताओं का आक्रोश सामने आया है। बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण हाथों में बिजली के बिल लेकर विद्युत मंडल कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए बिलों में सुधार की मांग की।
ग्रामीणों ने मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कनिष्ठ यंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली की खपत की रीडिंग में कथित गड़बड़ी सामने आ रही है, जिसके चलते उन्हें सामान्य से कई गुना अधिक बिल प्राप्त हो रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग से बिलों की जांच कराने और गलत रीडिंग के आधार पर जारी बिलों को संशोधित करने की मांग की।
ग्रामीण उपभोक्ताओं का दावा है कि पहले करीब 50 यूनिट खपत पर 100 से 200 रुपये तक का बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद कुछ मामलों में 2500 से 3000 यूनिट तक की खपत दर्ज दिखाई जा रही है। इसके आधार पर 25 से 30 हजार रुपये तक के बिल आने की बात ग्रामीणों ने कही। कुछ ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सोलर पैनल लगे घरों में भी करीब 10 हजार रुपये तक के बिजली बिल पहुंच गए हैं।
ग्रामीणों ने बिजली बिल जारी होने और भुगतान की अंतिम तारीख के बीच कम समय मिलने की भी शिकायत की। उनका कहना है कि कई मामलों में बिल मिलने के दो-तीन दिन बाद ही भुगतान की तारीख आ जाती है। समय पर भुगतान नहीं होने पर अतिरिक्त शुल्क लगने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर बोझ बढ़ रहा है।
ग्रामीण किसान अखिलेश काग ने बताया कि सोलर सिस्टम लगे होने के बावजूद उनके घर पर करीब 10 हजार रुपये का बिल आया। उन्होंने बताया कि पिछले बिल की 2700 रुपये की माइनस बकाया राशि समायोजित करने के बाद जुलाई में 752 यूनिट की खपत दर्शाई गई है। उनके अनुसार कनेक्शन पर 14 किलोवाट क्षमता भी दिखाई जा रही है। उन्होंने मामले की शिकायत बिजली विभाग में दर्ज कराई है।एक अन्य किसान श्याम काग ने बताया कि खेती-किसानी के बीच एक महीने में करीब 25 हजार रुपये का बिजली बिल आने से परिवार की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना उनके लिए मुश्किल है।
ग्रामीणों का कहना है कि अधिक बिलों की शिकायत को लेकर वे पहले भी कई बार बिजली विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला। अब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर विभाग के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर बिलों की जांच कर आवश्यक सुधार नहीं किया गया तो वे बिजली विभाग के परिसर में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
बिजली विभाग के सहायक यंत्री आनंद मोहन ने बताया कि सेगांव के ग्रामीणों की शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं और उनकी समस्याओं को सुना जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभागीय टीम मौके पर जाकर स्मार्ट मीटरों की रीडिंग की जांच करेगी। जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक होने पर बिजली बिलों में संशोधन किया जाएगा। अब ग्रामीणों की नजर विभाग की जांच और बिलों में होने वाले संभावित सुधार पर है।