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गोरखपुर के दक्षिणांचल में बढ़ेगा सड़क कनेक्टिविटी का दायरा

गोरखपुर के दक्षिणांचल में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। करीब 45 किलोमीटर के तीन प्रमुख मार्गों को टूलेन बनाने का काम 30 सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जिस पर 177 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा कई अन्य सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का काम भी जारी है।

By: Nivedita 
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गोरखपुर के दक्षिणांचल में बढ़ेगा सड़क कनेक्टिविटी का दायरा

गोरखपुर। गोरखपुर के दक्षिणांचल में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की परियोजनाओं पर काम हो रहा है। इनमें तीन प्रमुख सड़क परियोजनाएं 30 सितंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। करीब 45 किलोमीटर लंबी इन तीन सड़कों को टूलेन में तब्दील किया जा रहा है, जिसके लिए 177 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है।

गोरखपुर-खजनी-सिकरीगंज मार्ग का काम लगभग पूरा

लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड की ओर से गोरखपुर-खजनी-सिकरीगंज मार्ग के 13.075 किलोमीटर हिस्से का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना का 95 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। करीब 60.59 करोड़ रुपये की लागत वाली इस सड़क को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

महदेवा-दुधरा-सोपरा मार्ग पर भी तेजी से काम

महदेवा-दुधरा-सोपरा मार्ग को टूलेन बनाने का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। 15.20 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना पर करीब 35.56 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। विभाग के अनुसार अब तक लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग का निर्माण जारी

भीटी-बांसगांव-गोला मार्ग पर चैनेज 25.2 से 41.33 के बीच 16.13 किलोमीटर हिस्से में टूलेन सड़क बनाई जा रही है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 81.01 करोड़ रुपये है और 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई है। संबंधित कार्यदायी संस्था को इसे भी 30 सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह के मुताबिक, निर्माणाधीन सभी सड़कों को तय समय सीमा के भीतर पूरा कराने पर विभाग का विशेष जोर है।

दशकों से पिछड़े क्षेत्र को मिलेगा फायदा

दक्षिणांचल में सड़क सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। पहले खराब और गड्ढों वाली सड़कों के कारण इलाज, शिक्षा और कारोबार के लिए शहर तक पहुंचना मुश्किल माना जाता था। अब सड़कें चौड़ी और मजबूत होने से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

 

रिपोर्ट – अंकित श्रीवास्तव 

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