शेखपुरा जिले के कारे पंचायत के कारे गांव में पानी की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई दिनों से पानी की नियमित आपूर्ति बाधित होने के चलते ग्रामीणों को पीने और घरेलू जरूरतों के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से परेशान बड़ी संख्या में महिलाएं जिला समाहरणालय स्थित डीएम कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन से जल्द राहत दिलाने की मांग की।
डीएम कार्यालय परिसर पहुंची महिलाओं ने बताया कि गांव में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बुजुर्ग महिला आशा देवी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि घर में पीने और नहाने तक के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है। बढ़ती गर्मी के बीच दूर से पानी लाना बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बेहद कठिन हो गया है। महिलाओं ने प्रशासन से अपील की कि गांव में पानी की नियमित व्यवस्था कराई जाए, ताकि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान न होना पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पीएचईडी की पानी आपूर्ति व्यवस्था कई बार बाधित हो जाती है। स्थानीय महिला सरिता कुमारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पानी की समस्या और गंभीर हो गई है।ग्रामीणों ने बताया कि जिन परिवारों के पास समर्सिबल मोटर की सुविधा है, उन्हें भी पानी के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। कई लोगों का दावा है कि करीब 50 रुपये खर्च करने के बाद भी सीमित मात्रा में पानी मिल पाता है। गरीब परिवारों के लिए लगातार पैसे देकर पानी खरीदना आर्थिक बोझ बनता जा रहा है।
ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव में हर घर नल का जल योजना का लाभ नियमित रूप से नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि यदि नल-जल योजना को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए तो ग्रामीणों को पानी की समस्या से काफी राहत मिल सकती है। महिलाओं ने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी से मांग की कि गांव में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की तत्काल जांच कराकर उसे स्थायी रूप से सुचारू कराया जाए।
कारे गांव की महिलाओं का कहना है कि वे किसी अन्य मांग को लेकर नहीं, बल्कि अपनी मूलभूत जरूरत पेयजल के लिए समाहरणालय पहुंची हैं। ग्रामीणों ने भीषण गर्मी को देखते हुए जल्द से जल्द पानी की समस्या का समाधान करने और हर घर तक नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।