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यूपी एसआई बनी अनुराधा सोनकिया का बन्ने बुजुर्ग गांव में ऐतिहासिक स्वागत, बनीं युवाओं की प्रेरणा

पलेरा तहसील के बन्ने बुजुर्ग गांव की बेटी अनुराधा सोनकिया का उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद पर चयन हुआ है। गृह गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, आरती और तिलक के साथ भव्य स्वागत किया। अनुराधा की सफलता ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

By: BS Yadav 
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यूपी एसआई बनी अनुराधा सोनकिया का बन्ने बुजुर्ग गांव में ऐतिहासिक स्वागत, बनीं युवाओं की प्रेरणा

टीकमगढ़ जिले की पलेरा तहसील के छोटे से गांव बन्ने बुजुर्ग की बेटी अनुराधा सोनकिया ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अनुराधा का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (UP SI) के पद पर हुआ है।चयन के बाद पहली बार अपने गृह गांव पहुंचीं अनुराधा का ग्रामीणों ने भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। उनकी सफलता पर पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल नजर आया।

गांव पहुंचते ही हुआ जोरदार स्वागत

अनुराधा के गांव की सीमा में प्रवेश करते ही डीजे पर देशभक्ति गीत गूंजने लगे। महिलाओं ने आरती उतारकर और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया।वहीं बुजुर्गों और युवाओं ने फूल-मालाओं से अनुराधा का अभिनंदन किया। अपनी बेटी की सफलता पर ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ नजर आया।

सीमित संसाधनों में हासिल की बड़ी सफलता

अनुराधा ने कक्षा 1 से 10वीं तक की पढ़ाई शासकीय हाई स्कूल, बन्ने बुजुर्ग से पूरी की। इसके बाद 11वीं और 12वीं की शिक्षा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल, पलेरा से हासिल की।ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बावजूद अनुराधा ने लगातार मेहनत जारी रखी। उन्होंने बड़े कोचिंग संस्थानों का सहारा लिए बिना अपनी तैयारी के दम पर उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बनने का सपना पूरा किया।

पिता ने बेटी की सफलता पर जताया गर्व

अनुराधा के पिता आनंदीलाल सोनकिया ने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही है।उन्होंने कहा कि अनुराधा का सपना खाकी वर्दी पहनकर देश की सेवा करना था और आज उसकी मेहनत और लगन ने इस सपने को हकीकत में बदल दिया है।

ग्रामीण युवाओं के लिए बनीं मिसाल

अनुराधा सोनकिया की सफलता पलेरा तहसील और टीकमगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।उन्होंने साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते।

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