शेखपुरा। सदर प्रखंड कार्यालय के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जिलाधिकारी शेखर आनंद ने औचक निरीक्षण के दौरान एक संदिग्ध गुमटी की जांच कराई। तलाशी के दौरान गुमटी से जमीन और राजस्व से संबंधित सरकारी कागजात, रसीदें तथा नकदी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुमटी को तत्काल सील कर दिया गया।
जिलाधिकारी शेखर आनंद प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लेने के लिए सदर प्रखंड कार्यालय पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर के समीप एक गुमटी में चल रही गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद अधिकारियों की टीम के साथ गुमटी की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान जमीन से संबंधित दस्तावेज, सरकारी फाइलें, राजस्व रसीदें और नकदी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकारी कार्यालय के बाहर निजी गुमटी में इस तरह के दस्तावेज मिलने से प्रशासन भी गंभीर हो गया।
सरकारी कागजात के निजी स्थान पर मिलने के बाद प्रशासन की ओर से बिचौलियों की संभावित भूमिका समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जाएगा कि सरकारी दस्तावेज गुमटी तक कैसे पहुंचे और वहां इनके रखे जाने का उद्देश्य क्या था। हालांकि, फिलहाल किसी अधिकारी, कर्मचारी या व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर संदिग्ध गुमटी को सील कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाने पर विशेष जोर रहेगा कि सरकारी रिकॉर्ड बाहर कैसे पहुंचा और इसके पीछे किसी तरह का अवैध लेन-देन या बिचौलिया तंत्र सक्रिय था या नहीं।
DM की अचानक हुई कार्रवाई के बाद प्रखंड कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई। प्रशासन का कहना है कि जांच में यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बरामद दस्तावेजों और नकदी की जांच के साथ पूरे मामले की पड़ताल जारी है।