भोपाल: रविन्द्र भवन में आज ‘कृषि नवाचार में युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश युवा आयोग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग शामिल हुए।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवा किसानों से संवाद किया और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नए प्रयोगों, नवाचारों और युवाओं की भागीदारी के बारे में जानकारी ली।‘आज भी खेत पर जाने में आनंद आता है’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उन्हें आज भी खेत पर जाने में आनंद आता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बीएससी की पढ़ाई की है, हालांकि उस समय उज्जैन विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर का पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं था।मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि से उनके जुड़ाव को देखते हुए प्रदेश के विश्वविद्यालयों में बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।
सिंचाई क्षेत्र में विस्तार का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में सिंचाई के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2003 से पहले प्रदेश में करीब साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब बढ़कर करीब 59 लाख हेक्टेयर हो गई है।उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की फसल एमएसपी पर बोनस देकर खरीद रही है, जिसके चलते मध्यप्रदेश देश में सबसे ज्यादा खरीदी करने वाले राज्यों में शामिल है।मुख्यमंत्री ने दलहन के लिए भावांतर योजना और पशुपालन को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

पशुधन के साथ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में करीब 6 करोड़ पशुधन है, लेकिन पशुधन की संख्या के अनुरूप दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है।इसके लिए उन्नत नस्ल के पशुओं और नस्ल सुधार पर काम किया जा रहा है। गिर नस्ल की बछिया उपलब्ध कराने सहित कई प्रयासों के जरिए प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
युवाओं से खेती में नवाचार अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इस वर्ष को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। उन्होंने युवाओं और किसानों से पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक और नए नवाचार अपनाने की अपील की।उन्होंने वेयरहाउस, फूड प्रोसेसिंग और बहुफसली खेती को किसानों की आय बढ़ाने के बेहतर माध्यम बताया।
एवोकाडो से लेकर मोती और फूलों की खेती तक प्रयोग
कार्यक्रम में प्रदेश के युवा किसानों ने भी अपने कृषि नवाचारों के अनुभव साझा किए। संवाद के दौरान सामने आया कि युवा किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर एवोकाडो, मोती और फूलों की खेती जैसे नए प्रयोग कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती भागीदारी और नए प्रयोगों को प्रदेश की खेती-किसानी में आ रहे सकारात्मक बदलाव का संकेत बताया।