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जमुई के मलयपुर अस्पताल में प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला, ड्यूटी से कर्मियों की गैरमौजूदगी का आरोप

जमुई के मलयपुर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला अस्पताल में मदद के लिए भटकती नजर आ रही है। परिजनों ने ड्यूटी पर डॉक्टर, एएनएम और नर्स के मौजूद नहीं होने का आरोप लगाया है। जिला चिकित्सा पदाधिकारी ने मामले की जांच कर आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

By: Nivedita 
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जमुई के मलयपुर अस्पताल में प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला, ड्यूटी से कर्मियों की गैरमौजूदगी का आरोप

जमुई। बरहट क्षेत्र के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मलयपुर की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रसव पीड़ा से परेशान एक गर्भवती महिला अस्पताल में मदद के लिए भटकती दिखाई दे रही है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल खुला होने के बावजूद मौके पर डॉक्टर, एएनएम या नर्स मौजूद नहीं थे।

अस्पताल पहुंचने के बाद भी नहीं मिली तत्काल मदद

जानकारी के अनुसार, तमकुलिया निवासी स्वरूपा कुमारी प्रसव के लिए अपने परिजनों के साथ शाम करीब सात बजे मलयपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं। परिजनों का कहना है कि महिला को प्रसव पीड़ा हो रही थी, लेकिन काफी देर तक कोई स्वास्थ्यकर्मी उसकी जांच के लिए सामने नहीं आया। परिजनों ने अस्पताल में कई बार आवाज लगाई। इसके बावजूद करीब आधे घंटे तक मदद नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है।

परिजनों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

स्वास्थ्यकर्मियों के सामने नहीं आने पर परिजनों ने अस्पताल की स्थिति का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में अस्पताल के खुले कमरे और परिसर के कुछ हिस्सों में कम रोशनी दिखाई दे रही है। वीडियो के जरिए परिजन अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। हालांकि, उस समय ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की वास्तविक स्थिति और उनकी अनुपस्थिति के कारण की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था और जवाबदेही पर उठे सवाल

मामला सामने आने के बाद स्थानीय समाजसेवियों और ग्रामीणों ने अस्पताल की व्यवस्था पर चिंता जताई। श्रीकांत उर्फ बिट्टू यादव, महेंद्र सिंह, दिनेश यादव, अरुण सिंह और सुमित सिंह सहित लोगों ने कहा कि प्रसव जैसी स्थिति में स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रात के समय किसी गर्भवती महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत हो और अस्पताल में कर्मचारी उपलब्ध न हों, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

जिला चिकित्सा पदाधिकारी ने जांच का दिया भरोसा

जिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें फिलहाल मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि गर्भवती महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।उन्होंने संबंधित कर्मचारियों की ड्यूटी और उस समय अस्पताल में उनकी मौजूदगी की जांच कराने की बात कही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की

 

रिपोर्ट – धीरज कुमार सिंह 

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