रतलाम जिले के आजमपुर डोडिया गांव में दूषित पानी के कारण कई ग्रामीण बीमार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर करीब 80 लोगों की जांच और उपचार किया, जबकि प्रशासन ने स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और पानी के नमूनों की जांच शुरू कर दी है।
रतलाम जिले के आजमपुर डोडिया गांव में दूषित पानी के कारण कई ग्रामीण बीमार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर करीब 80 लोगों की जांच और उपचार किया, जबकि प्रशासन ने स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और पानी के नमूनों की जांच शुरू कर दी है।
रतलाम जिले के आजमपुर डोडिया गांव में कथित रूप से दूषित कुएं का पानी पीने से करीब 80 ग्रामीण बीमार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल कैंप लगाकर उपचार शुरू किया, जबकि प्रशासन ने वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था कर पानी के नमूनों की जांच के निर्देश दिए हैं।
पन्ना जिला चिकित्सालय में भारी बारिश के बाद ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से सर्जिकल और डिलीवरी वार्ड में पानी भर गया। मरीजों और प्रसूताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग और निर्माण कार्य के कारण जलभराव की समस्या बनी है, जिसके समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है।
बुरहानपुर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लापरवाही के आरोप लगे हैं, जहां मरीज के परिजनों ने स्टाफ को ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित बताया और वीडियो वायरल किया। मामले की जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है।
बड़वानी जिले में एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध तेज कर दिया है। कर्मचारियों ने 25 से 27 मई तक काली पट्टी बांधकर काम किया और 2 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। साथ ही 8 जून को सीएम हाउस घेराव का ऐलान भी किया गया है। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर सीएमएचओ
सीहोर जिला अस्पताल में 108 एंबुलेंस सेवा की बदहाल स्थिति सामने आई है, जहां खराब एंबुलेंस को कई बार राहगीरों की मदद से धक्का देकर चलाना पड़ता है। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है।
भोपाल के जेपी अस्पताल में 2011 के कीटनाशक सप्लाई भुगतान विवाद को लेकर कुर्की कार्रवाई की टीम पहुंचने से हड़कंप मच गया। कंपनी का आरोप है कि 15 साल बाद भी भुगतान नहीं हुआ और ब्याज सहित राशि लगभग 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि मामला अदालतों में विचाराधीन है।
बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने जिला महिला एवं नवजात शिशु चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न वार्डों, दवा वितरण केंद्र और नवजात यूनिट का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई, मरीज सुविधाओं और बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों की मृत्यु के मामलों की समीक्षा कर स्वास्थ्य स्टाफ को प्रशिक्षण और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए।
उज्जैन के 5 माह के जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित मासूम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर एयर एम्बुलेंस से बेंगलुरु भेजा गया। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से बच्चे को इंदौर होते हुए नारायणा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज और सर्जरी आयुष्मान निरामय योजना के तहत निशुल्क किया जाएगा। यह कदम राज्य सरकार की त्वरित और संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्था का उदाहरण माना जा रहा है।
हैरान करने वाली बात यह है कि CM हेल्पलाइन और कलेक्टर तक शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बेबस महिला रामरती ने एसपी कार्यालय में आवेदन सौंप कर अपनी बेटी के साथ सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटियों को सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध सुरक्षा का सशक्त कवच प्रदान करने का काम किया है। इस अभियान के प्रदेश में सफल क्रियान्वयन में इस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।