टीकमगढ़। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्तौन में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शान्तनु दीक्षित को दिए गए विभिन्न अतिरिक्त प्रभारों को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शिकायत की है। ग्रामीणों ने संबंधित नियुक्तियों की नियमों के अनुसार जांच कराने और यदि प्रभार नियम विरुद्ध पाए जाएं तो उन्हें हटाने की मांग की है।
शिकायत में ग्रामीणों ने दावा किया है कि डॉ. शान्तनु दीक्षित को जिला स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO), जिला नोडल अधिकारी PNDT और जिला नोडल अधिकारी जिला औषधि भंडार जैसे अतिरिक्त दायित्व सौंपे गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि एक चिकित्सा अधिकारी को एक साथ कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां दिए जाने से स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, डॉ. दीक्षित की नियुक्ति वर्ष 2022 में चिकित्सा अधिकारी के पद पर हुई थी। इसके बाद वर्ष 2025 में उनका स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरगापुर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्तौन किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें पहले बड़ागांव बीएमओ के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया था, लेकिन सितंबर 2025 में उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपे जाने का दावा किया गया है।
शिकायतकर्ताओं ने 14 अगस्त 2025 को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश का हवाला देते हुए अतिरिक्त प्रभारों की वैधता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी और बीएमओ जैसे महत्वपूर्ण पदों का अतिरिक्त दायित्व सौंपते समय निर्धारित योग्यता एवं अनुभव को प्राथमिकता देने के निर्देश हैं। इसी आधार पर उन्होंने डॉ. दीक्षित को दिए गए प्रभारों की नियमसम्मत जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के कारण अस्तौन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उनका कहना है कि मरीजों को कई बार इलाज के लिए करीब 30 किलोमीटर दूर जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने और स्थानीय मरीजों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में बड़ागांव क्षेत्र में संचालित कुछ योजनाओं को लेकर भी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की जांच कराने और जांच में यदि कोई प्रभार नियमों के विपरीत पाया जाता है तो उसे हटाने की मांग की है। इसके साथ ही अस्तौन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नियमित डॉक्टर और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है। फिलहाल लगाए गए आरोपों और अतिरिक्त प्रभारों को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।