ग्वालियर, मध्य प्रदेश। मरीजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एम्बुलेंसों की जांच का अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर परिवहन विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख अस्पताल परिसरों में एम्बुलेंसों की जांच की।
परिवहन विभाग ने 1000 बिस्तर अस्पताल, कैंसर अस्पताल और जयारोग्य अस्पताल परिसर में विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने कुल 45 एम्बुलेंसों के दस्तावेज और जरूरी मानकों की जांच की।
जांच के दौरान 15 एम्बुलेंसों में फिटनेस, बीमा, पीयूसी सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं। नियमों का पालन नहीं करने वाले संचालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई की।
अनियमितता पाए जाने पर संबंधित एम्बुलेंस संचालकों पर कुल 57 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने संचालकों को वाहनों के सभी जरूरी दस्तावेज समय पर अपडेट रखने के निर्देश दिए।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि एम्बुलेंस मरीजों के लिए आपातकालीन और महत्वपूर्ण सेवा है। इसलिए इनके संचालन में फिटनेस और सुरक्षा संबंधी नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती। संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने की हिदायत दी गई है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि मरीजों और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। एम्बुलेंस या अन्य वाहनों में नियमों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी जांच और कार्रवाई जारी रखी जाएगी।