बुरहानपुर। खकनार ब्लॉक में वर्ष 2023 में नियुक्त नव नियुक्त शिक्षकों ने वेतन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। शिक्षकों का आरोप है कि नियुक्ति के करीब तीन साल पांच महीने बीतने के बावजूद उन्हें अभी तक मूल वेतन का 100 प्रतिशत भुगतान नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में 90 प्रतिशत वेतन मिलने का दावा करते हुए 23 शिक्षकों ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर समस्या के शीघ्र निराकरण की मांग की है।
शिक्षकों का कहना है कि नियमानुसार निर्धारित सेवा अवधि पूरी होने के बाद उन्हें मूल वेतन का पूर्ण भुगतान मिलना चाहिए। उनका दावा है कि तीन वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी वे 90 प्रतिशत वेतन पर ही काम कर रहे हैं।शिक्षकों के मुताबिक वेतन में 10 प्रतिशत का अंतर होने के कारण उन्हें हर महीने आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
शिक्षकों के अनुसार वेतन संबंधी समस्या को लेकर पिछले कई महीनों से संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। खकनार बीडीओ कार्यालय के साथ सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग और कलेक्टर कार्यालय में भी अपनी समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक मामले का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण शिक्षकों ने सामूहिक रूप से आवेदन देकर अपनी मांग प्रशासन के सामने रखी है।

कलेक्टर को दिए गए आवेदन पर करीब 23 नव नियुक्त शिक्षकों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। शिक्षकों ने मांग की है कि उनके वेतन से जुड़ी विसंगति को जल्द दूर किया जाए और नियमानुसार 100 प्रतिशत वेतन का लाभ दिया जाए।शिक्षकों का कहना है कि वे किसी विवाद या टकराव के बजाय प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि लंबे समय से चली आ रही परेशानी खत्म हो सके।
मामले में आदिम जाति विभाग के अधिकारी भरत जांचपूरे ने बताया कि शिक्षकों के भुगतान के लिए बिल ट्रेजरी विभाग में लगाए गए थे। उनके अनुसार, ट्रेजरी विभाग की ओर से बिल पर आपत्ति लगाई गई है। उन्होंने कहा कि लेखा शाखा से चर्चा के बाद आवश्यक सुधार कर बिल दोबारा प्रस्तुत किए जाएंगे। अधिकारी के मुताबिक, बिल स्वीकृत होते ही संबंधित शिक्षकों को भुगतान मिल जाएगा।
वेतन विसंगति का मामला सामने आने के बाद अब शिक्षकों को विभागीय प्रक्रिया पूरी होने और लंबित भुगतान के निराकरण का इंतजार है। विभाग की ओर से बिल दोबारा लगाने की बात कही गई है, ऐसे में शिक्षकों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें नियमानुसार पूर्ण वेतन का लाभ मिल सकेगा।